बस्तर की धरा जैव विविधता से परिपूर्ण- वन मंत्री श्री केदार कश्यप
वन मंत्री ने ग्रामीणों से की वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा की अपील

जगदलपुर, 11 अगस्त बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। दरभा क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय ‘हरेली बर्ड फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की असीम प्राकृतिक संपदा और पक्षी संरक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए बस्तर को देश और दुनिया के इको-टूरिज्म मानचित्र पर उभारने की बात कही। समारोह को संबोधित करते हुए वन मंत्री ने कहा कि बस्तर की धरा प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण है। यह बर्ड फेस्टिवल न केवल पर्यावरण प्रेमियों और बर्ड वाचकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पक्षी केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं हैं, बल्कि वे हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के मुख्य प्रहरी हैं। बस्तर के घने वनों में कई दुर्लभ और सुंदर पक्षी प्रजातियों का वास है, जिनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वन मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि इस आयोजन से क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होम-स्टे और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार के नए मार्ग प्रशस्त होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर की पहचान अब इसके प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और पक्षी-पर्यटन के रूप में पूरे देश और दुनिया में बनेगी। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करने की अपील की।
इस आयोजन के दौरान वन्यजीव संरक्षण की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। अतिथियों द्वारा ‘हरेली बर्ड फेस्टिवल’ के आधिकारिक लोगो का विमोचन किया गया। इसके अलावा, मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘गज संकेत’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। समारोह में बस्तर की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाती एक विशेष कॉफी टेबल बुक और विभिन्न पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी ‘बस्तर पहाड़ी मैना’ के संरक्षण की प्रेरक कहानी प्रदर्शित की गई। इसी मंच से एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा करते हुए ‘राज मोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत जून 2026 तक 1233 हितग्राहियों को कुल 17 करोड़ 09 लाख रुपये की सहायता राशि और अनुदान वितरण का शुभारंभ किया गया। साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण में समर्पित रूप से जुटे ‘हाथी मित्र दल’, ‘मैना मित्र दल’ और ‘गिद्ध मित्र दल’ के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने पर्यावरण संतुलन और वन्यजीवों के सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जगदलपुर महापौर श्री संजय पाण्डे तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।