नारायणपुर/रावघाट। बस्तर की बहुप्रतीक्षित रेल कनेक्टिविटी परियोजना अब अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। दल्लीराजहरा–रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना के प्रथम चरण के अंतिम स्टेशन रावघाट का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। स्टेशन परिसर में फिनिशिंग और यात्री सुविधाओं से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
करीब 240 किलोमीटर लंबी परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 95 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण शामिल है। ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन पहुंचने के बाद अब रावघाट तक सेवा विस्तार की तैयारी चल रही है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, 22 सितंबर को रावघाट में सुरक्षा मानकों से संबंधित महत्वपूर्ण निरीक्षण प्रस्तावित है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) की जांच और आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद यात्री ट्रेन संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सब कुछ तय प्रक्रिया के अनुसार रहा तो अक्टूबर में रावघाट तक यात्री ट्रेन शुरू होने की संभावना है।
रावघाट स्टेशन का निर्माण बड़े क्षेत्र में किया गया है। स्टेशन परिसर में रेलवे कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी और रेलवे पुलिस थाना भवन का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी है।
इस रेल परियोजना को वर्ष 1993 में सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। वर्ष 2007 में रेलवे, एनएमडीसी और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच समझौता हुआ, जबकि 2010-11 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बाद दल्लीराजहरा से गुदुम, भानुप्रतापपुर, केवटी, अंतागढ़ और ताड़ोकी तक चरणबद्ध तरीके से यात्री रेल सेवा शुरू हुई।
रावघाट तक ट्रेन पहुंचने से नारायणपुर और आसपास के क्षेत्रों को रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से रेल संपर्क मिलेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए आवागमन आसान होने की उम्मीद है। साथ ही परियोजना का महत्व लौह अयस्क परिवहन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
अब पूरे क्षेत्र की नजर 22 सितंबर के सुरक्षा निरीक्षण पर टिकी है।