नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली
महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण
नारायणपुर, 11 अगस्त. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक आयोजित होने वाली इस तिरंगा यात्रा की शुरुआत उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा नारायणपुर से करेंगे और स्वयं बाइक चलाकर इस यात्रा का नेतृत्व भी करेंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है
यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा के माध्यम से तिरंगा बस्तर के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा और देश के संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विश्वास का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान
तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में जनजातीय सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही सामूहिक जुम्बा का भी आयोजन किया जाएगा। नारायणपुर के ग्राम मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई और कन्हारगांव में उन स्थानों पर, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी, विशेष रूप से शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही उनकी स्मृति में ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ के तहत पौधारोपण किया जाएगा।
आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी
इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का भावनात्मक एवं ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।
महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी हाथों में तिरंगा लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।
तीन दिनों में बस्तर के कोने-कोने तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ 12 अगस्त को नारायणपुर से प्रारंभ होकर बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के 31 प्रमुख ग्रामों से होकर गुजरेगी। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ मानी जाने वाली कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा।