छात्रा PAT परीक्षा देने से वंचित

ई आधार को परीक्षा केन्द्र ने अमान्य माना

जगदलपुर/  28 तारीख को पीएटी यानि प्री एग्रीकल्चर परीक्षा में बड़ा झोल हो गया जिसमें पर्यवेक्षकों ने डिजीटली आधार को अमान्य करते हुए चार से पांच विद्यार्थियों को लौटा । मामला धरमपुरा केन्द्र का है । ऐसे ही एक छात्रा अश्मिता ने बताया कि मेरी पूरी साल भर की तैयारी पल भर में खत्म कर दी गई ।

अश्मिता के पिता अमित सिंह ने व्यापम को लिखे पत्र में कहा है केन्द्र पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मेरी पुत्री अश्मिता के आधार कार्ड के प्रिंट आउट को नॉर्मल प्रिंट आउट कहकर अमान्य घोषित कर दिया गया और उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने से पूरी तरह से मना कर दिया गया।

छात्रा परीक्षा देने से वंचित
साल भर की पढ़ाई हुई खराब
तनाव में है छात्रा

जिनसे उनका साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया हैं । इसके लिए वे कानूनी नोटिश भी भेजने की तैयारी कर रहें हैं। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार, डाउनलोड किया गया इलेक्ट्रॉनिक आधार (E-Adhar) या उसका सामान्य कागज पर लिया गया प्रिंट आउट कानूनी रूप से पूरी तरह वैध है और इसे किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी परीक्षा/प्रक्रिया में पहचान के रूप में अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस घटनो ने वैध आधार कार्ड के डिजीटल रूप को अस्वीकार किए जाने पर एक बड़ा सवाल को जन्म दिया है कि क्या व्यापम के नियमों के तहत यह हुआ

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