कांकेर, 15 मई . (छत्तीसगढ़) में पुलिस द्वारा लगभग ₹6.5 लाख के नकली नोटों के साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी का मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी पर भारी कर्ज था, वह नशे का आदी बताया जा रहा है, और उसने घर में प्रिंटर व अन्य सामान जुटाकर नकली नोट छापने की व्यवस्था कर ली थी। पुलिस का कहना है कि वह बस स्टैंड क्षेत्र में इन्हें खपाने की तैयारी में था, तभी संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पकड़ा गया। नए बस स्टैंड क्षेत्र से संदिग्ध युवक हिरासत में लिया गया
बैग से बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद
कुल बरामदगी लगभग ₹6.5 लाख बताई जा रही है
घर में प्रिंटर से नकली नोट छापने की बात सामने आई
आरोपी पर कर्ज और नशे की लत का दावा
पुलिस गिरोह, तकनीक और नेटवर्क की जांच कर रही है
जांच के अहम सवाल:
आरोपी ने नकली नोट बनाने की तकनीक कहाँ से सीखी?
क्या वह अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था?
पहले कितने नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं?
प्रिंटिंग के लिए किस तरह की सामग्री और सुरक्षा फीचर की नकल की गई?
कानूनी पहलू:
भारत में नकली मुद्रा की छपाई, वितरण या रखने से जुड़े अपराध भारतीय न्याय संहिता (पूर्व में IPC की संबंधित धाराएँ जैसे 489A-489E) के तहत बेहद गंभीर माने जाते हैं, जिनमें कठोर सजा हो सकती है। कांकेर एसपी निखिल राखेचा के अनुसार जांच सभी एंगल से जारी है—आरोपी के संपर्क, संभावित गिरोह, और पहले से बाजार में फैले नकली नोटों की पड़ताल की जा रही है। यदि यह मामला संगठित नेटवर्क से जुड़ता है, तो यह सिर्फ एक स्थानीय अपराध नहीं बल्कि क्षेत्रीय नकली मुद्रा चैनल का हिस्सा भी हो सकता है। फिलहाल विस्तृत जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।