जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि महापौर दलपत सागर को लेकर जो बयान दे रहे हैं उसमें दलपत सागर के प्रति उनकी जो नीति है वह स्पष्ट नहीं है उन्होंने बताया कि दलपत सागर सफाई में नगर निगम का एक भी पैसा नहीं लगा है परंतु कहीं ना कहीं यह बात हजम नहीं हो रही है क्योंकि हमें मालूम है कि दलपत सागर सफाई अभियान के दौरान जो वहां का इस्तेमाल किया गया वह वाहन नगर निगम की है जिसमें ऑयल,डीजल, पेट्रोल, वाहन चालक का खर्च नगर निगम द्वारा वहन किया गया साथ ही साथ आम नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ पूरे 48 वार्डो से एक-एक कर्मचारी एक महीने तक बुलाकर सफाई अभियान को चलाया गया और उन कर्मचारियों का भुगतान नगर पालिक निगम से ही हुआ है चाहे वह प्लेसमेंट एजेंसी का कर्मचारी हो चाहे वह नगर निगम का रेगुलर कर्मचारी हो तो फिर महापौर का यह कहना कि नगर निगम का एक पैसा वहां खर्च नहीं हुआ है यह सरासर झूठ है! यह बोला जा सकता है की नगर निगम के संसाधनों का उपयोग किया गया और उसमें लगभग इतना खर्च हुआ बाकी जन सहयोग से और किस-किस मद से खर्च हुआ यह भी महापौर को जनता के सामने रखना चाहिए!महापौर ने दलपत सागर को लेकर पहले सामान्य सभा में झूठ बोला आपने यह कहा की विड–हार्वेस्टिंग मशीन कार्य करने में सफल नहीं है इसलिए आपकी देखरेख में अपने स्थानीय मैकेनिक से एक नया मशीन तैयार किया जबकि उसे मेकेनिक के द्वारा भी यह बताया गया की वह नौका नुमा मशीन उन्होंने पहले से बना कर रखा था और बाद में उसमें एक जाली लगाया गया जो सिर्फ और सिर्फ जलकुंभी को धकेल कर किनारे लाने का काम कर रही है यह मान भी ले कि यदि उस मशीन को आपने बनवाया है तो आज दिनांक तक वह मैकेनिक उस मशीन की कीमत के लिए क्यों भटक रहा है उसका भुगतान क्यों नहीं किया गया और पूरे 01 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं जनता को यह बताया गया की दलपत सागर के उन्नयन के लिए स्थानीय विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महोदय के द्वारा 9.88 करोड रुपए स्वीकृत कराए गए उस पैसे से अब तक कौन-कौन से कार्य कराए गए यह तो महापौर जनता के सामने आज तक नहीं रखा,बल्कि अब महापौर का नया बयान आ रहा है कि 9.88 करोड रुपए से दलपत सागर के बाहाय क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे वास्तविक रूप से देखा जाए तो वह बाहाय क्षेत्र में पाथवे नुमा सड़क बनाकर उन लोगों को महापौर के द्वारा पुनः लाभ पहुंचाने की कोशिश है जिन्हें बंड बनाकर पहले ही महापौर एवं विधायक महोदय के द्वारा लाभ पहुंचाया जा चुका है यदि इस बात में सत्यता नहीं है तो महापौर को नगर निगम प्रशासन स्तर पर दलपत सागर क्षेत्र के राजस्व रिकार्ड में अंकित 1932 के रिकॉर्ड के अनुसार जांच करवा के उसके बाद दलपत सागर के उन्नयन का कार्य करवाना चाहिए परंतु महापौर के द्वारा ऐसा कतई नहीं किया जाएगा पर इस विज्ञप्ति के माध्यम से बहुत ही विनम्रता पूर्वक हमारे शहर के प्रथम नागरिक महापौर जी से आग्रह करता हूं कि यदि दलपत सागर के प्रति आपके विचार में थोड़ी सी भी कृतज्ञता है थोड़ा सा भी दया हो तो दलपत सागर के साथ न्याय करें और जनता को झूठ बोलना बंद करें और सफाई अभियान में किन-किन संस्थानों से कितना आर्थिक सहायता कितना संसाधनों का सहायता कितना सी एस आर का मद कितना डीएमएफटी का मद कितना नगर निगम का मद वास्तविक रूप से खर्च हुआ है उसे बिना किसी दिग्भर्मित करे जनता के सामने रखें महापौर।नगर निगम से खर्च नहीं हुआ है ऐसा कहकर आप अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते आपको पूरी पूरी पारदर्शी तरीके से कार्य करते हुए जनता के सामने हर बात को स्पष्ट रूप से रखना चाहिए आपका गोल-गोल और झूठा जवाब जनता को भ्रमित कर रहा है तथा दलपत सागर के प्रति आपकी जो नीति है वह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। जिसे जानने के लिए शहर की जनता आतुर है।