जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली को संबोधित कर देशभर में पेपर लीक माफिया के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है, जिससे करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद किसी भी बड़े दोषी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
दीपक बैज ने कहा कि हर वर्ष लाखों युवा वर्षों की मेहनत और आर्थिक कठिनाइयों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। देहरादून की महारैली में ऐसे कई छात्र मौजूद थे जिनकी परीक्षाएं प्रभावित हुईं। रैली के दौरान आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया थापा के पिता ने अपनी पीड़ा साझा की, जिसने सभी को भावुक कर दिया।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और छात्र हितैषी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष हो, संस्थानों की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षा को निजीकरण और अनावश्यक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए।
दीपक बैज ने जगदलपुर के अड़ावल की छात्रा सुरला हारिका राव की आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि नीट-2 के परिणाम से निराश होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों और अनिश्चितता ने छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को लेनी चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले में भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों को अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर दिया गया। बैज ने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि पेपर लीक करने वालों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।