मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से कुष्ठ रोगी को मिला नया जीवन

सात बार नदी पार कर दुर्गम पहाड़ों और जंगलों से होते हुए तुमेरादी पहुँची स्वास्थ्य टीम, सन्नो बाई का शुरू हुआ उपचार

नारायणपुर,10 अक्टूबर . सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभियान के 7माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की टीम उन ग्रामीणों तक भी पहुँच रही है, जिनके लिए सामान्य स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाना भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक कठिनाइयों के कारण चुनौतीपूर्ण रहा है। जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम तुमेरादी की 45 वर्षीय श्रीमती सन्नो बाई की सफलता की कहानी इस अभियान की सार्थकता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है। समय पर स्वास्थ्य जाँच और उचित उपचार मिलने से उन्हें बीमारी से लड़ने की नई उम्मीद मिली है।
सात बार नदी पार कर गाँव पहुँची स्वास्थ्य टीम
ग्राम तुमेरादी तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना आसान नहीं है। उप स्वास्थ्य केंद्र मड़पुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित यह गाँव दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और नदी-नालों से घिरा हुआ है। यहाँ तक पहुँचने के लिए स्वास्थ्य दल को एक ही नदी को सात बार पार करना पड़ता है। इसके अलावा ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों पर चढ़कर और घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। कठिन रास्तों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिम्मत नहीं हारी। दुर्गम रास्तों की बाधाओं को पार करते हुए टीम ग्राम तुमेरादी पहुँची और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस पहल से स्पष्ट हुआ कि शासन की स्वास्थ्य सेवाएँ केवल सुविधाजनक स्थानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य जाँच में सामने आया कुष्ठ रोग का मामला
ग्राम तुमेरादी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान श्रीमती सन्नो बाई, उम्र 45 वर्ष, का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जाँच के दौरान पता चला कि वह लंबे समय से कुष्ठ रोग से पीड़ित थीं। बीमारी के कारण उनके हाथ की उँगलियाँ भी प्रभावित होने लगी थीं और स्थिति गंभीर होती जा रही थी।
आर्थिक कठिनाइयों, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुँचने में आने वाली परेशानियों के कारण उन्हें समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाया था। बीमारी बढ़ने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना उनके लिए आसान नहीं था। ऐसे में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत गाँव पहुँची स्वास्थ्य टीम ने उनकी स्थिति को गंभीरता से लिया और आगे के उपचार के लिए आवश्यक पहल की।
जिला चिकित्सालय में शुरू हुआ नियमित उपचार
सन्नो बाई की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य टीम ने उन्हें उच्च स्तरीय जाँच एवं उपचार के लिए जिला चिकित्सालय नारायणपुर भेजा। जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी विस्तृत जाँच की गई। जाँच में कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद उन्हें आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं और नियमित उपचार प्रारंभ किया गया।
इसके साथ ही उन्हें बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी, सावधानियों और नियमित उपचार के महत्व के बारे में परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से सन्नो बाई को उचित चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध हो सकी। वर्तमान में उनका उपचार नियमित रूप से जारी है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं।
समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से उनकी स्थिति को और अधिक गंभीर होने से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह घटना बताती है कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन केवल सामान्य जाँच तक सीमित नहीं है, बल्कि गंभीर बीमारियों की पहचान कर मरीजों को आगे के उपचार से जोड़ने में भी उपयोगी साबित हो रहा है।

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