जगदलपुर । झीरमकांड मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने कुल 39 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि 10 आरोपियों को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में फरार घोषित किए गए 27 आरोपियों को लेकर भी अब स्थिति बदल गई है।
फरार 27 आरोपियों में से 14 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इनमें झीरमकांड मामले में नामजद शीर्ष नक्सली लीडर तिप्पीरी तिरूपति उर्फ देवजी और बारसे सुक्का उर्फ देवा भी शामिल हैं। दोनों ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण किया है।
फरार आरोपियों में शामिल 9 नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों के हाथों मारे जा चुके हैं। इनमें पाका हनुमंथ उर्फ गणेश उईके भी शामिल है। गणेश उईके को तेलंगाना में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।
27 फरार आरोपियों में से 14 के मुख्यधारा में लौटने और 9 के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब 4 नक्सली ऐसे हैं, जिनकी तलाश जारी है। एनआईए की विशेष अदालत की ओर से इन आत्मसमर्पण कर चुके और फरार आरोपियों के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
नआईए कोर्ट द्वारा फरार घोषित किए गए आरोपियों में सोमा सोढ़ी उर्फ सुरेन्द्र उर्फ सुरिन्दर, बारसे सुक्का उर्फ देवा उर्फ देवन्ना, सप्पो हुंगा उर्फ विनोद, जयलाल मंडावी, कुम्मे मोडियाम, तिप्पीरी तिरूपति उर्फ देवजी, पाका हनुमंथ उर्फ गणेश उईके, वैुगुला अरूणा उर्फ माधवी उर्फ माधवक्का, मोडियम रमेश उर्फ लच्छु, तेलाम आयतु उर्फ आयतु डोड़ी, गीता पुनेम उर्फ गीता पोटाम, मंगली कोसा, मड्डा मड़ाकामी, सन्नु वेट्टी, भगत हेमला उर्फ बदरू, कामेश कवासी, कोरसा सन्नी उर्फ सन्नी कोरसाम, कोरसा सन्नु, सोमी पोट्टाम उर्फ सोनी पोट्टाम, कुरसाम सन्नी उर्फ कोसी उर्फ लच्छी, लक्खू पुनेम उर्फ गंगा पुनेम, कोरसा लक्खू, बदरू मोडियाम उर्फ मंगतु, सरिता काकेम उर्फ मिटकी, कुम्मा गोंदे उर्फ गुड्डु, हेमला मासा उर्फ संजय तथा कवासी बदरू उर्फ सुखराम उर्फ गद्दाम बदरू शामिल हैं।झीरमकांड मामले में अब फरार आरोपियों की मौजूदा स्थिति पर नजर है। एक ओर कई आरोपी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, तो दूसरी ओर कई मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। वहीं, बचे चार आरोपियों की तलाश जारी है।