दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में महिला ने एक साथ तीन पुत्रों को दिया जन्म

 

दंतेवाड़ा, 17 सितंबर । दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के एक मामले का सफल प्रबंधन करते हुए एक महिला ने एक साथ तीन स्वस्थ पुत्रों को जन्म दिया। यह प्रसव कल रात  जिला अस्पताल के Obstetrics एवं Gynaecology विभाग के लेबर रूम में सामान्य प्रसव के माध्यम से कराया गया।

जानकारी के अनुसार कटेकल्याण क्षेत्र की महिला की गर्भावस्था को स्थानीय स्वास्थ्य टीम ने हाई रिस्क केस के रूप में चिन्हित किया था। इसके बाद समय पर महिला को जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद Obstetrics एवं Gynaecology टीम ने प्रसव की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराया।

तीनों नवजातों का जन्म वजन क्रमशः 1870 ग्राम, 1875 ग्राम और 1750 ग्राम दर्ज किया गया। प्रसव के दौरान पहले शिशु में कुछ समय के लिए Delayed Cry की स्थिति बनी, लेकिन स्वास्थ्य टीम ने तत्काल आवश्यक प्रारंभिक प्रबंधन किया। इसके बाद तीनों नवजातों की स्थिति स्थिर बताई गई है।

जन्म के बाद तीनों बच्चों को विशेष निगरानी और आवश्यक देखभाल के लिए जिला अस्पताल के SNCU में भर्ती किया गया है। Pediatrics एवं SNCU की टीम द्वारा तीनों नवजातों की लगातार निगरानी की जा रही है।

समय पर पहचान बनी सफलता की अहम कड़ी

इस मामले में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान और रेफरल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कटेकल्याण की स्वास्थ्य टीम द्वारा जोखिम की पहचान कर महिला को समय रहते जिला अस्पताल भेजा गया। इससे प्रसव के दौरान विशेषज्ञ टीमों को आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं करने का पर्याप्त अवसर मिला।

ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी में मां और नवजातों को विशेष चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में समय पर जोखिम की पहचान, संस्थागत प्रसव और जरूरत पड़ने पर नवजातों को विशेष देखभाल उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है।

ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल तक समन्वय

इस पूरे मामले में ग्रामीण स्वास्थ्य टीम से लेकर जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीमों के बीच समन्वय देखने को मिला। कटेकल्याण स्वास्थ्य टीम ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान कर महिला को जिला अस्पताल रेफर किया। इसके बाद Obstetrics एवं Gynaecology टीम ने प्रसव कराया, जबकि Pediatrics एवं SNCU टीम ने तीनों नवजातों की विशेष देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।

दंतेवाड़ा जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान और प्रभावी रेफरल व्यवस्था मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह मामला ग्रामीण स्तर से जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं के आपसी समन्वय का उदाहरण सामने लाता है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस सफल प्रबंधन के लिए कटेकल्याण स्वास्थ्य टीम, जिला अस्पताल की Obstetrics एवं Gynaecology टीम, Pediatrics एवं SNCU टीम सहित सभी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी गई है।

नवजातों के दस्तावेज में तीनों बच्चों को Baby of Mase Vetti–1, 2 एवं 3 के रूप में दर्ज किया गया है। तीनों नवजात पुत्र हैं।

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