सुकमा/बस्तर की धरती पर 24 अप्रैल 2017 का बुरकापाल बलिदान दिवस आज भी हर भारतीय के मन में गर्व और श्रद्धा का भाव भर देता है। इसी क्रम में 74वीं बटालियन मुख्यालय, दोरनापाल में शहीदों की स्मृति में निर्मित भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण गरिमामय समारोह के बीच किया गया। कलेक्टर अमित कुमार ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की अमर पहचान है।
कार्यक्रम में डीआईजी श्री आनंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि बुरकापाल की घटना हमारे इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि शहीदों के बलिदान के बाद प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मिलकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, रणनीतियों में बदलाव किया और विकास कार्यों को गति दी। सड़क, संचार नेटवर्क, नए सुरक्षा कैंप और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आज सुकमा में विश्वास और स्थिरता का माहौल तैयार हुआ है।
समारोह के बाद प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों ने बुरकापाल घटनास्थल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और क्षेत्र में शांति एवं विकास के संकल्प को दोहराया। कभी भय और हिंसा का प्रतीक रहा बुरकापाल आज बदलाव और उम्मीद की मिसाल बन चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहीदों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और सुकमा को सुरक्षित, शांत एवं विकासशील बनाने के लिए हर संभव प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।