पेड़ की छांव में लगा स्वास्थ्य शिविर

 

दंतेवाडा , 04 सितम्बर। पेड़ की छांव में लगा स्वास्थ्य शिविर, 106 ग्रामीणों को मिला उपचार और योजनाओं का लाभ ।जहां सड़कें खत्म हो जाती हैं, वहां से भी स्वास्थ्य सेवा की राह शुरू होती है। बैलाडीला के अंतिम छोर पर बसे दुर्गम ग्राम बेंगपाल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए करीब 8 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय कर गांव पहुंची।जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम बेंगपाल पहुंची। गांव में न अस्पताल था, न स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा… लेकिन स्वास्थ्य अमले के पहुंचने से ग्रामीणों के बीच उम्मीद जरूर पहुंच गई।गांव में पेड़ की छांव के नीचे ही स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसी साधारण से शिविर में 106 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार और आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में प्रत्येक ग्रामीण की मलेरिया जांच की गई।
30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की बीपी और शुगर की जांच की गई।महिलाओं का गर्भवती पंजीयन किया गया, बच्चों का टीकाकरण हुआ। वहीं मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम भी किया गया। आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई,बेंगपाल का यह शिविर केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि उस संकल्प की तस्वीर बना, जिसमें सरकार की स्वास्थ्य सेवाएं उन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का 8 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचना और पेड़ की छांव में बैठकर ग्रामीणों की सेवा करना अपने आप में सेवा, समर्पण और जनसरोकार की मिसाल है।बेंगपाल में स्वास्थ्य अमले के कदम सिर्फ आठ किलोमीटर नहीं चले… बल्कि वे उन ग्रामीणों तक पहुंचे, जिनके लिए स्वास्थ्य सुविधा आज भी एक लंबा सफर है।

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