जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी जगदलपुर पूर्वी मंडल के उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री मोहन मरकाम द्वारा अयोध्या श्रीराम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर लगाए गए आरोपों को निराधार, भ्रामक एवं राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
राकेश तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को श्रीराम मंदिर के विषय में बोलने अथवा सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान लगातार भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े किए और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया। आज वही कांग्रेस राम मंदिर की गरिमा और करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता तथ्यों से परे जाकर अनर्गल बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। श्रीराम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और इस विषय पर राजनीति करना कांग्रेस की तुष्टिकरण की मानसिकता को दर्शाता है।
राकेश तिवारी ने पूर्व मंत्री मोहन मरकाम पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे कथित धर्मांतरण के मामलों पर कभी मुखर नहीं होते, लेकिन अब सनातन धर्म और श्रीराम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र और अवसरवादी राजनीति का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। कांग्रेस को भगवान श्रीराम और सनातन आस्था पर राजनीति करने के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
राकेश तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश और देश की जनता कांग्रेस के इस राजनीतिक षड्यंत्र को भली-भांति समझ चुकी है तथा ऐसे भ्रामक प्रचार का उचित जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।