सुकमा में जैविक खेती को जन-आंदोलन बनाने की पहल

 

कृषि एवं पशु सखियों का प्रशिक्षण शुरू

सुकमा/ जिला पंचायत संसाधन केंद्र परिसर में 3 अगस्त से कृषि एवं पशु सखियों के लिए चार दिवसीय जैविक खेती सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण अंचलों तक टिकाऊ खेती और आधुनिक पशुपालन तकनीकों की पहुँच बनाना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों को बचाते हुए किसानों की आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सके।

प्रशिक्षण सत्र में भूमगादी संस्था के विशेषज्ञ श्री सुरेश नाग द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से प्राकृतिक कृषि पद्धतियों, घर पर ही जैविक खाद एवं कीटनाशक तैयार करने के तरीकों तथा पशुधन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है, ताकि महिलाएँ अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य किसानों को भी आसानी से प्रशिक्षित कर सकें।

इस दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने विशेष रूप से पहुँचकर सखियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जैविक खेती को स्वस्थ समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद ज़रूरी बताते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे इस ज्ञान को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखें, बल्कि अपने-अपने गाँवों में जैविक खेती को एक जन-आंदोलन का रूप दें।

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