जगदलपुर। बस्तर जिला पंचायत की सामान्य सभा बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। आंगनबाड़ियों में कराए गए रंगाई-पुताई के कार्य को लेकर बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अंततः पक्ष और विपक्ष दोनों ही पक्षों के सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।
जानकारी के अनुसार बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित आंगनबाड़ियों में कराए गए रंगाई-पुताई के कार्य का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि इस कार्य के लिए करीब 4 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस पर सदस्यों ने सवाल उठाते हुए पूछा कि यह कार्य पंचायत के माध्यम से कराया गया या फिर विभागीय अधिकारियों द्वारा करवाया गया। इसी प्रश्न को लेकर बैठक में माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई।
बैठक के दौरान कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग की ओर से पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी जा रही है। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे, जिससे विवाद और बढ़ गया। बढ़ते विवाद के बीच स्थिति ऐसी बन गई कि जिला पंचायत के सभी सदस्यों ने विरोध स्वरूप बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।