दंतेवाड़ा। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में मोर्चा की दंतेवाड़ा जिला इकाई ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर NMDC Limited बचेली स्थित क्षतिग्रस्त टेलिंग डेम से उत्पन्न संभावित औद्योगिक, पर्यावरणीय एवं मानव सुरक्षा संकट पर गंभीर चिंता जताई।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 7 एवं 8 सहित आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के समीप स्थित टेलिंग डेम की वर्तमान स्थिति नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं संपत्ति के लिए संभावित खतरा बन चुकी है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में गंभीर औद्योगिक दुर्घटना, जल एवं भूमि प्रदूषण तथा जनहानि जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नवनीत चाँद ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48A एवं अनुच्छेद 51A(g) से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, जल प्रदूषण निवारण अधिनियम 1974, वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम 1981, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सहित विभिन्न पर्यावरणीय एवं औद्योगिक सुरक्षा कानूनों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों एवं परियोजना प्रबंधन की कानूनी जिम्मेदारी है।
मोर्चा ने आरोप लगाया कि यदि टेलिंग डेम की संरचनात्मक कमजोरी, रिसाव या सुरक्षा संबंधी शिकायतों के बावजूद समय पर तकनीकी निरीक्षण एवं सुधार कार्य नहीं किए गए, तो यह गंभीर प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय लापरवाही मानी जाएगी।
मोर्चा की प्रमुख मांगें
- टेलिंग डेम की राष्ट्रीय स्तर की स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- डेम की सुरक्षा क्षमता, रिसाव एवं संभावित खतरे का वैज्ञानिक जोखिम मूल्यांकन सार्वजनिक किया जाए।
- घनी आबादी के समीप स्थित डेम को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने हेतु दीर्घकालीन योजना बनाई जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, जल, मिट्टी एवं पर्यावरणीय प्रभाव का सर्वे कराया जाए।
- संभावित दुर्घटना की स्थिति में आपदा प्रबंधन योजना लागू कर मॉक ड्रिल एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
- सुरक्षा दीवार, अलार्म सिस्टम, निगरानी तंत्र एवं प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाए।
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
नवनीत चाँद ने स्पष्ट कहा कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा नगरवासियों के जीवन, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनिज विभाग एवं NMDC Limited प्रबंधन से इस पूरे मामले में पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्रवाई की मांग की है।