नारायणपुर 13 मई । वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल भी बन सकती है। इसका उदाहरण मंगलवार रात छोटे डोंगर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां वन विभाग और थाना छोटे डोंगर पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल ने एक परेशान महिला को आत्महत्या जैसा कदम उठाने से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 की रात करीब 9 बजे थाना छोटे डोंगर क्षेत्र के बड़गांव मुख्य मार्ग पर एक महिला अकेली और मानसिक रूप से बेहद परेशान हालत में भटकती मिली। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए छोटे डोंगर रेंज में पदस्थ वन विभाग के कर्मचारी अनिल पोटाई और संकुराम कावची ने तत्काल छोटे डोंगर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना छोटे डोंगर की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना लाया गया। पुलिस ने महिला को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के बाद धैर्यपूर्वक उसकी बात सुनी। पूछताछ में महिला ने अपना नाम सुमन मरकाम (32 वर्ष), पति किशोर मरकाम, निवासी बड़ागांव थाना विश्रामपुरी जिला कोंडागांव बताया।
महिला ने बताया कि पति द्वारा शराब के नशे में आए दिन मारपीट किए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसी कारण वह बिना किसी को बताए घर छोड़कर निकल गई। रास्ते में अलग-अलग बसों में बैठते हुए वह केशकाल, फरसगांव, कोंडागांव और नारायणपुर होते हुए छोटे डोंगर पहुंच गई। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि घर छोड़ने के बाद उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार आने लगे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छोटे डोंगर पुलिस ने तत्काल थाना विश्रामपुरी से संपर्क कर महिला के परिजनों को सूचना दी। देर रात होने के कारण महिला को थाना परिसर में सुरक्षित आश्रय दिया गया। पारिवारिक विवाद और महिला की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसकी सुरक्षा एवं काउंसिलिंग के लिए सखी सेंटर भेजने का निर्णय लिया गया।
पुलिस ने परिवारजनों की उपस्थिति में आवश्यक प्रतिवेदन तैयार कर महिला स्टाफ के साथ महिला को मुख्यालय नारायणपुर भेजा। इस पूरे घटनाक्रम में छोटे डोंगर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों ने जिस संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवता का परिचय दिया, वह लोगों के लिए मिसाल बन गया। समय रहते उठाए गए कदमों ने न केवल एक महिला को सुरक्षित सहारा दिया, बल्कि उसे जीवन की नई उम्मीद भी दी।