संभाग भर में बीते 10 दिनों मे तीसरी मौत
दो साल से संभाग में मेडिकेटेड मच्छरदानियाँ नहीं बटीं हैं
जगदलपुर/ मलेलिया मुक्त बस्तर का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग को यह खबर अच्छी न लगे । इस साल जनवरी से अब तक 8426 लोग मलेरिया से पीड़ित हैं ।संभाग भर में बीते 10 दिनों मे तीसरी मौत हो चुकी है। तीनों मृतक स्कूली में पढ़ने वाले बच्चे हैं ।
लगातार मलेरिया मुक्त बस्तर का दावा ठोकने वाला स्वास्थ्य विभाग अपना दायित्व निभा पाने में असमर्थ है। दो साल से संभाग में मेडिकेटेड मच्छरदानियाँ नहीं बटीं हैं इन दिनों बस्तर में मलेरिया का पीक सीजन चल रहा है। 2024 से स्वास्थ्य विभाग इतना व्यस्त् है कि मेडिकेटेड मच्छरदानी का वितरण नहीं कर सका है सबसे हैरानी की बात तो यह है कि केन्द्र सरकार से बजट मंजूर हुए लंबा वक्त बीत चुका है
खास बातें :-
- दो साल से विष्णुदेव साय सरकार में है सुशासन का जश्न जम कर मनाया गया
- दो सालों से मेडिकेटेड मच्छरदानी का वितरण बस्तर में नहीं हुआ है।
- हाल ही में बस्तर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल बस्तर का औचक निरीक्षण कर चुके हैं
हमारे यहां डबल इंजन की सरकार का इंजन आखिर इस दिश दिशा में दौड़ क्यों नहीं रहा है । स्वास्थ्य विभाग के चिन्मय दास कहते हैं कि सीजीएमएससी के जरिए खरीदी होगी। जिसकी कागजी प्रकिया चल रही है।
मलेलिया के दस्तक के बावजूद विभाग का टेंडर सर्वे पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में टेंडरके बाद खरीदी फिर बांटने में तीन-चार महिना और गुजर जाएंगें यानि मेडिकेटेड मच्छर दानी इस बार भी नहीं बंटेंगी।
कांकेर जिले के मर्दापाल बालक आश्रम में चैथी कक्षा के छात्र सुभाष की मलेरिया से मौत हो गई । सुभाष की मौत तीसरी मौत है। जो बिते 10 दिनों में हुई । इधर बस्तर मलेरिया मुक्त का 14 वां चरण चल रहा है विभाग फोटे खिचाने में व्यस्त है।
पिछले साल छत्तीसगढ़ में मलेरिया दर में गिरावट आई थी सरकार ने खूब ढंका बजाया । बस्तर में आंशिक ही सही सफलता मिला तो विभाग ने अपनी पीठ स्वयं थपथापाई थी । आज तीन मौतों के बाद भी कोई चर्चा नहीं कर रहा है। डबल की सरकार में कौन सा इंजन बैठ गया है? बड़ा सवाल है