जगदलपुर। बस्तर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रेल सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले 20 दिनों से ट्रेनें बंद होने और अगले 10 दिन तक इंतजार की स्थिति बनने की जानकारी के बीच यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप है कि नवरात्रि और दशहरा के त्योहारी सीजन में कुछ बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रशासनिक महामंत्री अनवर खान ने रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बस्तर रेलवे को अच्छी आय देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं और तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। उनका कहना है कि बार-बार रेल सेवाएं बाधित होने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आते।
अनवर खान के मुताबिक, रेल सेवा बंद होने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों और उनके परिजनों को हो रही है। बेहतर इलाज के लिए बड़ी संख्या में लोग विशाखापट्टनम जाते हैं और रेल यातायात पर निर्भर रहते हैं। ट्रेनों के रद्द होने से उन्हें महंगे सड़क परिवहन का सहारा लेना पड़ रहा है।
उन्होंने परिवहन विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बस्तर से परिवहन मंत्री होने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। उनके आरोप हैं कि बस संचालकों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से यात्रियों से अधिक किराया वसूला जा रहा है, जबकि विभाग त्योहारी सीजन में कार्रवाई तक सीमित दिखाई देता है।
अनवर खान ने रेल प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की कि रेल सेवाओं की बहाली में तेजी लाई जाए, यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और बस किराए की नियमित निगरानी कर मनमानी वसूली पर रोक लगाई जाए, ताकि दशहरा के दौरान आम लोगों को राहत मिल सके।