क्लस्टर शिविर तोंगपाल पहुँचे 21 गाँव के ग्रामीण, मौक़े पर हुआ समस्याओं का समाधान
सुकमा/ प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाते हुए सुकमा में सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के तहत तोंगपाल क्लस्टर शिविर में ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस विशेष शिविर में आस-पास के 16 गाँवों के ग्रामीणों ने पहुँचकर अधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। प्रशासन की इस अनूठी पहल पर अधिकारियों ने पूरी संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुना। शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण करना था, बल्कि उन तक शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रमाण पत्र निर्माण और आवेदन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी पहुँचाकर उन्हें सशक्त बनाना भी रहा।
आशियाने का सपना हुआ सच: हितग्राहियों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
इस भव्य शिविर का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह था जब बरसों से पक्के मकान की आस लगाए बैठे गरीब परिवारों का सपना साकार हुआ। जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम के हाथों ग्राम पंचायत पालेम के हितग्राही कोसा दुधी और टाहकवाड़ा के हितग्राही हेमधर एवं रुको को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत नवनिर्मित पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपी गईं। अपने नए आशियाने की प्रतीक स्वरूप चाबी पाकर हितग्राहियों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। यह पल इस बात का जीवंत प्रमाण बना कि शासन की योजनाएँ किस तरह समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सुरक्षित भविष्य के लिए ग्रामीणों ने जताया सरकार का आभार
पक्के मकान की सौगात मिलने पर भावुक होते हुए हितग्राहियों ने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने के कारण उन्हें बरसात और हर बदलते मौसम में भारी मुश्किलों और असुरक्षा का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब, प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न सिर्फ एक छत दी है, बल्कि उनके पूरे परिवार को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन का उपहार दिया है। इस बड़ी राहत के लिए हितग्राहियों ने नम आँखों से शासन और सरकार के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम छिंदगढ़ श्री पीवी खेस, जनपद सीईओ श्री पीके गुप्ता सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस जन-कल्याण के महायज्ञ को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई।