भारत का पहला हालीवुड हीरो था, अबूझमाड़ का चेंदरू

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जगदलपुर, 20 नवम्बर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला का अबूझमाड़ क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जिसे पूर्ण रूप से आज भी नहीं बुझा जा सका है, किंतु इस क्षेत्र के कुछ चुनिंदे लोगों के कारण अबूझमाड़ भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया में मशहूर हो गया। पिछले दिनों एक टीवी शो, इंडियाज गॉट टैलेंट 10 के शो में अबूझमाड़ मल्लखंभ अकादमी के बच्चों और युवाओं ने भाग लेते हुए अपनी कला का लोहा मनवा लिया और अबूझमाड़ को एक नई पहचान दी। नारायणपुर के अबूझमाड़ को सबसे पहले पहचान 1960 के दशक में चेंदरू के कारण मिली।

नारायणपुर का चेंदरू मंडावी अपने अद्भुत शौर्य का परिचय देते हुए भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया में बस्तर का नाम रोशन किया । आदिवासी अंचल का एक 10 वर्षीय बालक चेंदरू मंडावी ने विदेशी फिल्म में वह अनूठा कारनामा कर दिखाया जो आज तक किसी ने नहीं किया। 1955  में प्रारंभ हुई स्वीडिश फिल्म ष् एन द जंगल सागाष् में बतौर मुख्य भूमिका निभाने वाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म का नायक चेंदरू , बाघों और तेंदुओं के बीच रहकर मानव और वन्य प्राणियों के बीच रहकर मानवता का परिचय दिया। फिल्म निर्माण में लगभग 2 वर्ष का समय लगा, इस फिल्म के निर्माण के पश्चात फिल्म पहली बार स्वीडन में 26 दिसंबर 1957  दिखाया गया। यह फिल्म पांच रील और 88 मिनट की बनकर तैयार हुई। वर्ष 1958 में कांस फिल्म फेस्टिवल में भी इसे प्रदर्शित किया गया था। दुनिया के विभिन्न देशों में इस फिल्म की कई भाषाओं में, फिल्म तैयार और प्रदर्शित हुई, उनमें से प्रमुख रूप से ऑस्ट्रिया, ब्राजील, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, इटली, मैक्सिको, यू.एस.ए . में तथा वेस्ट जर्मनी में विभिन्न नामों से प्रदर्शित हुई। इस फिल्म के निर्माता थे, स्वीडिश फिल्म निर्माता अर्न  सक्सडॉर्फ।

फिल्म निर्माता की पत्नी श् एस्ट्रिडश् ने चेंदरू और बाघ की दोस्ती पर ष् वाय सू अमिगो एल टाइगरष् नाम से पुस्तक लिखी थी स्वीडिश भाषा में लिखी गई इस पुस्तक का न्यूयॉर्क के एक प्रकाशक हारकोर्ट ब्रेश  ने इसका अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित किया था। इधर अबुझमाड़ मलखंब  के खिलाड़ी अब अमेरिका जाने वाले हैं जहां अमेरिका और अबुझमाड़ के खिलाड़ियों से लगातार बात हो रही है। मलखंब के कोच मनोज प्रसाद ने बताया कि अब अबुझमाड़ के मलखंब खिलाड़ी अब अमरीका गॉट टैलेंट में जलवा दिखाने तैयार हैं। इसके लिए खिलाड़ियों को आमंत्रित किया गया है। अमरीका गॉट टैलेंट सीजन-19 का हिस्सा बनने के लिए मलखंब कोच की कार्यक्रम के साथ दो मीटिंग हो चुकी है। दिसंबर में अंतिम बैठक ऑनलाइन होगी। इसके बाद खिलाड़ियों के जाने का फैसला हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन-10 में मलखंब खिलाड़ियों ने विनर का खिताब अपने नाम किया था। जिसके बाद अमरीका गॉट टैलेंट के प्रोड्यूसर ने इसमें दिलचस्पी दिखाई। इससे अमरीका गॉट टैलेंट सीजन-19 के प्रोड्यूसर जॉन एवं लुके के साथ मलखंब कोच मनोज प्रसाद से संपर्क किया और दोनों के बीच बातचीत हुई।

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