बस्तर के आर्थिक क्षितिज पर नई दस्तक

जगदलपुर, 16 अप्रैल. बस्तर की छिपी हुई आर्थिक संभावनाओं को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने और स्थानीय युवाओं के भीतर उद्यमिता की लौ जलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की अनूठी पहल थिंक बी (बिल्डिंग बैटर बस्तर) ने एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। एक्सप्लोरिंग बस्टर्स पोटेंशियल की विशेष थीम पर आधारित एक गौरवशाली एंटरप्रेन्योर मीट का आयोजन गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित थिंक बी केंद्र में किया गया, जहाँ बस्तर के पारंपरिक हुनर और आधुनिक कॉर्पोरेट विजन का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

इस आयोजन की सार्थकता को तब और बल मिला जब देश के विख्यात वित्तीय विशेषज्ञ श्री अभिनव खंडेलवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। आईपीओ एडवाइजरी, प्री-आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी जैसे जटिल वित्तीय क्षेत्रों में लंबा अनुभव रखने वाले श्री खंडेलवाल ने स्थानीय उद्यमियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बस्तर के उभरते हुए स्टार्टअप्स को यह महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाया कि कैसे यहाँ के पारंपरिक व्यवसायों को निवेश की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर वैश्विक स्तर पर स्केलेबल बनाया जा सकता है। करीब 90 मिनट के इस सत्र में उत्साह का माहौल रहा, जहाँ युवाओं ने अपने व्यापारिक मॉडलों को और अधिक प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के गुर सीखे।

कार्यक्रम का केंद्र बिंदु मुख्य रूप से पर्यटन, होमस्टे, वन उत्पाद, कृषि प्रसंस्करण और यहाँ की समृद्ध कला एवं संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे। आयोजकों का मानना है कि बस्तर की असली ताकत उसकी जड़ों में है, और यदि इन पारंपरिक क्षेत्रों को सही मार्गदर्शन और सही समय पर निवेश मिल जाए, तो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को एक नई और सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। यह मीट केवल चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने स्थानीय उद्यमियों को एक ऐसा शक्तिशाली नेटवर्क प्रदान किया, जिससे वे अपने स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ले जा सकें।

थिंक बी की यह दूरगामी पहल बस्तर के माटी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह न केवल नवाचार और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि बस्तर के उद्यमी अब अपनी गहरी जड़ों के सहारे सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस गरिमामयी मंच के जरिए बस्तर को वह पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया जिसका वह वास्तव में हकदार है, जिससे अब यहाँ के उत्पादों और संस्कृति की गूँज सात समंदर पार तक सुनाई देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *