छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान भीतर रैनी की महत्वपूर्ण रस्म से ठीक पहले एक दर्दनाक हादसा हो गया। आठ पहियों वाले भव्य विजय रथ (फूल रथ) की परिक्रमा के दौरान उसके नीचे आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति का पैर कट गया, जिसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक का नाम कोपा कश्यप सुरगुढ़ा निवासी थाना कोड़ेनार है, अन्य घायल की पहचान की जा रही है।
घटना के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि मृतक का नाम कोपा कश्यप है , अन्य घायल की पहचान की जा रही है। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत रथ की गतिविधियों को रोक दिया। देर रात प्रशासन के सहयोग से रथ को कुम्हाड़ाकोट पहुचाया गया और भीतर रैनी की रम्म निभाई गई।
दुर्घटना के समय तक रथ पर माता दंतेश्वरी का पवित्र छत्र नहीं रखा गया था। परंपरा के अनुसार, मावली परघाव की रस्म के बाद ही छत्र को रथ पर विराजित किया जाता है।
भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस हादसे के बावजूद बाद में निर्धारित परंपरा का पालन करते हुए प्रशासन के सहायोग से रथ को परंपरानुसार कुम्हाड़ाकोट चोरी कर ले जाया गया । महाराजा कमलचंद भंजदेव की मौजूदगी नयाखानी के रथ वापस लाया जाएगा और फिर 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार आयोजित की जाएगी जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपस्थित रहेंगीं ।