सुकमा में सक्रिय हुए 88 4G टावर, सुरक्षा और सुविधाओं को मिली नई गति
सुकमा/ जिला प्रशासन के दृढ़ संकल्प और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड योजना के समन्वय से सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम अंचलों में डिजिटल कनेक्टिविटी का नया सवेरा हुआ है। कभी संचार विहीन माने जाने वाले संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए प्रशासन ने दो नए हाई-स्पीड 4G मोबाइल टावरों को सफलतापूर्वक चालू करा दिया है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच जिला प्रशासन की यह पहल अंतिम छोर पर बसे ग्रामीणों तक आधुनिक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
प्रशासन और टेलीकॉम एजेंसियों की मजबूत कार्ययोजना का ही परिणाम है कि जिले के वनांचल क्षेत्रों में अब तक रिलायंस जियो के 88 4G टावर सक्रिय होकर पूरी क्षमता से सेवाएं दे रहे हैं। कनेक्टिविटी का यह मजबूत जाल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खोल रहा है, बल्कि ग्रामीणों को घर बैठे बैंकिंग, स्वास्थ्य परामर्श और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी पारदर्शी शासकीय सुविधाओं से सीधे जोड़ रहा है। घने जंगलों के बीच बेहतर नेटवर्क उपलब्धता से क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों के संचार तंत्र को भी अभूतपूर्व मजबूती मिली है, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था का वातावरण और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
डिजिटल सशक्तिकरण की इस मुहिम को जिले के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है। वर्तमान में 27 अन्य सुदूर ग्रामों में भी टावर स्थापना और नेटवर्क विस्तार का काम युद्धस्तर पर प्रगति पर है। कलेक्टर श्री अमित कुमार स्वयं इस पूरे अभियान की सतत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने तकनीकी टीमों और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि जिले का कोई भी गांव अथवा नागरिक डिजिटल क्रांति के लाभ से अछूता न रहे।
सुशासन और विकास की इस दोहरी रणनीति ने सुकमा की पहचान को तेजी से बदला है। बंदूक और भय के साये से निकलकर अब बस्तर का यह आंचल सूचना प्रौद्योगिकी और सशक्त नागरिक सेवाओं के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। जिला प्रशासन की यह संवेदनशीलता और कार्यकुशलता यह स्पष्ट संदेश देती है कि विकास की मुख्यधारा से हर नागरिक को जोड़ना ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सुकमा अब एक सशक्त, डिजिटल एवं आत्मनिर्भर भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।