सुकमा/ सुकमा जिले को शांति, सुरक्षा और समृद्धि की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन की फ्लैगशिप योजनाओं और सुशासन तिहार के आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास की उपलब्धियां केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने टीम भावना के साथ दोगुनी गति से कार्य करने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की बात कही। बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार भी उपस्थित रहे।
जिले की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, उद्यानिकी, आजीविका और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया है। कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार करने, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गर्भवती माताओं की होम डिलीवरी कम करने के लिए पूर्व नियोजित रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के साथ सभी शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
रोजगार और आत्मनिर्भरता को विकास का आधार बनाते हुए युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ने तथा स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नए अवसर सृजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। रेशम पालन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन यूनिट की कार्ययोजना तैयार करने, वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार एवं मानव दिवस सृजन बढ़ाने तथा पीएम सूर्यघर योजना में सक्रियता के साथ प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रमाण-पत्र निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी हितग्राहियों को उपलब्ध कराने और राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। सभी शासकीय फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने तथा प्रत्येक विभाग को अपनी प्राथमिकताएं तय कर परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी सचिव श्री राणा ने कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, लाइवलीहुड तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सुकमा का विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देगा। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और नक्सल पुनर्वास नीति को विकास कार्यों से जोड़कर जिले में स्थायी शांति, विश्वास और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रशासन निरंतर आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने प्रभारी सचिव श्री राणा को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करते हुए विभागीय समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी। प्रशासन के इस समन्वित और मिशन मोड प्रयास से सुकमा में विकास की नई संभावनाओं को धरातल पर उतारने और जिले की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को सकारात्मक रूप से बदलने की मजबूत पहल दिखाई दे रही है।