अबूझमाड़ के 25 नन्हे स्केटर्स ने रचा इतिहास

नारायणपुर। अबूझमाड़ के बच्चों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। स्केटिंग जैसे खेल, जिसे अब तक बड़े शहरों तक सीमित माना जाता था, उसमें नारायणपुर के 25 बच्चों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेलो भारत बुक रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। विश्वदीप्ति स्कूल में 16 अगस्त को आयोजित 80 मिनट की नॉन-स्टॉप स्केटिंग में बच्चों ने लगातार स्केटिंग कर यह उपलब्धि हासिल की।

खेलो भारत बुक रिकॉर्ड के तहत 15 अगस्त को देशभर में 80 मिनट नॉन-स्टॉप स्केटिंग का आयोजन प्रस्तावित था। नारायणपुर में यह आयोजन 16 अगस्त को किया गया। इसमें अबूझमाड़ सहित नारायणपुर के 25 बाल स्केटर्स ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, जिले में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ है।

एक माह की मेहनत ने दिलाई कामयाबी

इस रिकॉर्ड आयोजन के लिए बच्चों ने करीब एक महीने तक नियमित अभ्यास किया। रोजाना प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने लगातार स्केटिंग की तकनीक, संतुलन और सहनशक्ति पर मेहनत की। प्रशिक्षण के दौरान कुछ बच्चे चोटिल भी हुए, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा और रिकॉर्ड आयोजन में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

कोच आर. बलराम पुरी ने बताया कि इस आयोजन में सबसे खास बात यह रही कि करीब चार साल की उम्र के बच्चों ने भी हिस्सा लेकर अपनी क्षमता दिखाई। छोटे बच्चों से लेकर बड़े खिलाड़ियों तक सभी ने 80 मिनट तक लगातार स्केटिंग कर रिकॉर्ड बनाने में योगदान दिया।

अबूझमाड़ के बच्चों ने दिखाया खेलों में नया आसमान

नारायणपुर और अबूझमाड़ को लंबे समय तक दुर्गम और पिछड़े क्षेत्र के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन यहां के बच्चे अब खेल के मैदान में लगातार नई पहचान बना रहे हैं। स्केटिंग के इस आयोजन ने यह संदेश दिया है कि यदि बच्चों को सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे किसी भी खेल में बड़े शहरों के खिलाड़ियों को चुनौती दे सकते हैं।

कोच पुरी ने कहा कि स्केटिंग अब केवल महानगरों तक सीमित खेल नहीं रह गया है। नारायणपुर के बच्चे भी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। 25 बच्चों का एक साथ बुक रिकॉर्ड बनाना जिले के लिए गौरव की बात है।

इन बच्चों ने बनाया रिकॉर्ड

रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों में सुशांत कुमार, झरना ठाकुर, चित्रांश सिंह, युवांश साहू, आर्याव, तनिष्क उसेंडी, भव्या उसेंडी, मोहम्मद सलमान, मयंक देवांगन, अद्विक राठौर, शौर्य साहू, हेली लकरा, आरोन टोप्पो, कनिष्का सिंह, आरु कुमावत, अनुराग नांदरे, दानिश मेमन, मानस्वी जैन, वदिश वट्टी, पार्थिव सिंह, अन्मय यादव, काव्यांश नेताम, अविरल चंद्राकर और उमे सहित 25 खिलाड़ी शामिल रहे।

स्कूलों और शहरवासियों ने बढ़ाया हौसला

बच्चों की इस उपलब्धि पर जिले के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों, खेल शिक्षकों और शहरवासियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। अभिभावकों और प्रशिक्षकों ने भी बच्चों की मेहनत और जज्बे की सराहना की।

80 मिनट की यह स्केटिंग केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के बदलते खेल परिदृश्य की तस्वीर भी है। जिस क्षेत्र के बच्चों के लिए कभी बड़े शहरों तक पहुंचना चुनौती माना जाता था, वही बच्चे अब राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड आयोजनों में अपनी प्रतिभा दर्ज करा रहे हैं।

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