रायपुर / छग गृह विभाग ने यह आदेश दिया है। । आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन आरोपों के आधार पर उनके आचरण की जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का पाया गया है. इसी वजह से जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वे पहले से ही एक गंभीर विवाद में घिरे हुए थे. छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ एक एसआई की पत्नि ने यौन शोषण का आरोप लगाया था।
आईपीएस बनने के बाद डांगी ने छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं. वे कोरबा, बिलासपुर, कांकेर और बीजापुर में पुलिस अधीक्षक रहे. इसके अलावा सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर में आईजी के रूप में भी पदस्थ रहे. उन्हें चंद्रखुरी पुलिस अकादमी का निदेशक बनाया गया था और बाद में रायपुर आईजी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई.
सरकार ने आदेश में यह भी संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी.
रायपुर में आईजी रतनलाल डांगी का निलंबन छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है. एक ओर गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी द्वारा इन आरोपों को खारिज किया गया है. अब पूरे मामले की सच्चाई आगामी जांच में सामने आएगी, जिस पर सभी की नजर टिकी हुई है.