’’संस्कार द गुरुकुल के छात्रों ने इस रक्षाबंधन पर शिवानंद आश्रम में खुशी और भाईचारे का संदेश दिया’’

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जगदलपुर (चेढ़ई पदर )/ एकता और करुणा का एक हृदयस्पर्शी प्रर्दशन उस वक्त देखने को मिला जब संस्कार द गुरुकुल, चेढ़ई पदर के 150 छात्रों ने इस वर्ष रक्षा बंधन मनाने का एक अनोखा तरीका चुना। त्योहारों के लिए घर जाने की पारंपरिक प्रथा को तोड़ते हुए, छात्र जगदपुर के धरमपुरा स्थित शिवानंद आश्रम गए आौर उन्होंने यहां रहने वाले बच्चों के साथ रक्षा बंधन का पर्व मनाया ।
रक्षा बंधन, का त्योहार जो भाई-बहनों के बीच सुरक्षा और प्यार के बंधन का प्रतीक है, -ने एक गहरा संदेश दिया है। जब संस्कार स्कूल के 150 छात्रों ने शिवानंद आश्रम के बच्चों के प्रति स्नेह इस तरह व्यक्त किया । इस मौके पर बच्चों ने परिवारों के साथ समय बिताने को छोड़कर आश्रम में अपने साथियों के साथ भाईचारे और सौहार्द के बंधन को मजबूत करने के लिए अपना दिन समर्पित किया।

छात्र पूरी तरह से उत्सव में डूब गए, उनके लिये छात्र अपने साथ अलग -अलग तरह के तोहफे भी लेकर गए थे जिन्हें बांट कर उनके साथ खुशियां मनाई उनकी कलाइयों पर रंग-बिरंगी राखियाँ बाँधीं और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने और उनकी रक्षा करने की प्रतिज्ञाएँ कीं। आश्रम के बच्चों के चेहरे पर खुशी स्पष्ट थी क्योंकि वे संस्कार स्कूल से अपने साथियों के आगमन से खुशी का अनुभव कर रहे थे।
संस्कार के 150 बच्चों ने आश्रम के 40 बच्चों की कलाइयों को प्यार से राखियों से सजाया, जो सुरक्षा और देखभाल के वादे का प्रतीक थी। यह हार्दिक अवसर पहला नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी संस्कार के छात्रों का आश्रम के बच्चों के बीच त्योहार मनाया जाता रहा है।

शिवानंद आश्रम में रक्षा बंधन उत्सव एक यादगार कार्यक्रम बन गया, जिसने पारंपरिक सीमाओं को पार किया और छात्रों के बीच सहानुभूति और एकता की शक्ति का प्रदर्शन किया। यह हृदयस्पर्शी भाव निस्संदेह आने वाले वर्षों में संस्कार छात्रों और शिवानंद आश्रम के बच्चों दोनों के मन पर एक अमिट छाप छोड़ेगा।

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