जगदलपुर। कलेक्टोरेट स्थित प्रेरणा हॉल में शुक्रवार को समान नागरिक संहिता (UCC) के संबंध में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जगदलपुर मुस्लिम समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
हाजी वसीम अहमद ने कहा कि यूसीसी जैसे संवेदनशील विषय पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मुस्लिम समाज के जिम्मेदार प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। समाज के प्रमुख लोगों को नजरअंदाज किए जाने की खबर चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी महत्वपूर्ण बैठक में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को शामिल क्यों नहीं किया गया और क्या प्रशासन ने समाज को विश्वास में लेना जरूरी नहीं समझा?
उन्होंने कहा कि संवेदनशील विषयों पर बैठक आयोजित करते समय संबंधित समाज के प्रतिनिधियों से संवाद करना और उनकी बातों को सुनना जरूरी है। किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी पक्षों की भागीदारी से ही बेहतर संवाद और विश्वास का माहौल बनाया जा सकता है।
प्रशासन से मांगा स्पष्टीकरण
हाजी वसीम अहमद ने प्रशासन से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बैठक में समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किए जाने के कारणों को सामने लाया जाना चाहिए। साथ ही, भविष्य में ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों में सभी संबंधित पक्षों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए और उन्हें विश्वास में लेकर चर्चा की जाए।
उन्होंने कहा कि समाज की अनदेखी किसी समस्या का समाधान नहीं है। संवाद, सम्मान और निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। ऐसे विषयों पर सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।