जगदलपुर, 22 अक्टूबर . विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के इतिहास में शुक्रवार को एक स्वर्णिम और अभूतपूर्व अध्याय जुड़ने जा रहा है, जब देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू सिरहासार में आयोजित होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। बस्तर की सदियों पुरानी समृद्ध परंपरा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के इस ऐतिहासिक मंच पर पहुँचने वाली वे देश की पहली राष्ट्रपति होंगी।
इस गौरवशाली अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति बस्तर अंचल के पारंपरिक सामाजिक संरक्षकों और जनप्रतिनिधियों, मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और मेंबर-मेंबरिन से रूबरू होकर उनसे आत्मीय संवाद करेंगी। अंचल के इन जमीनी प्रतिनिधियों के साथ होने वाली यह सीधी चर्चा बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक धरोहर और जनजातीय पहचान के सम्मान का एक सशक्त प्रतीक बनेगी।
इस ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण को भव्य बनाने के लिए बस्तर दशहरा समिति और स्थानीय प्रशासन ने स्वागत की विशेष पारंपरिक तैयारियां की हैं। सिरहासार पहुँचने पर राष्ट्रपति का अभिनंदन बस्तर की लोक-संस्कृति के अनूठे प्रतीकों के साथ किया जाएगा, जिसके तहत उन्हें स्थानीय परंपरा के अनुरूप स्वागत किया जाएगा। बस्तर की इस गौरवमयी परंपरा में राष्ट्रपति की सहभागिता को लेकर पूरे अंचल में भारी उत्साह देखा जा रहा है।