नारायणपुर। घने जंगलों के बीच बसे अबूझमाड़ के सुदूर ग्राम मसपुर में माड़ रक्षा सेवा संस्था द्वारा सहायता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित इस दुर्गम गांव में आयोजित शिविर के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
शिविर के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, नशे के दुष्प्रभावों, स्वच्छता एवं शिक्षा के महत्व पर प्रभावी संदेश दिया गया। संस्था की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता ही समाज के समग्र विकास की मजबूत नींव हैं।
महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीण परिवारों को नए कपड़े एवं चप्पलें प्रदान की गईं। स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
वर्ष 2019 से सक्रिय माड़ रक्षा सेवा संस्था लगातार अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य आदिवासी समुदाय तक आवश्यक सुविधाएं एवं जागरूकता पहुंचाकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई और संस्था के प्रयासों की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन गांवों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेष आकर्षण के रूप में गांव के गोटुल में सामूहिक पारंपरिक नृत्य और गोंडी गीतों का आयोजन भी किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन ने सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ स्थानीय आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को भी सम्मान देने का संदेश दिया।