संभाग स्तरीय अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण के निर्देश, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

किसानों को बीज-खाद सहित फसल ऋण की सुलभता सुनिश्चित करें- कमिश्नर श्री डोमन सिंह

बाढ़ आपदा प्रबंधन की समय पूर्व तैयारी और कम वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश

जगदलपुर, 15 जुलाई . कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने संभाग स्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर शासन की योजनाओं के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मैदानी स्तर पर जाकर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें और मैदानी अमले को बेहतर सेवाएं देने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें। वहीं समस्याओं का त्वरित निराकरण करें तथा आम नागरिकों को योजनाओं का समय पर लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बुधवार को आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए।

कमिश्नर श्री सिंह ने वर्षा ऋतु को देखते हुए बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए सभी संबंधित विभागों को समय पूर्व व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक संसाधनों, राहत एवं बचाव दलों, संचार व्यवस्था तथा आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने पहुंचविहीन इलाकों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने वर्तमान में सामान्य से कम वर्षा की संभावना के मद्देनजर कृषि विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को खेती-किसानी के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों, वैकल्पिक फसलों तथा सूखा सहनशील बीजों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही बीज-खाद और कृषि आदान सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। किसानों को फसल ऋण की आसान उपलब्धता के साथ ही पशुपालन एवं मत्स्यपालन के लिए भी प्राथमिकता देकर किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाए।

कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग, निरीक्षण तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके। बैठक के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, समाजकल्याण, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, वन, नगरीय प्रशासन इत्यादि विभागों के योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी और नोडल अधिकारी मौजूद थे। वहीं जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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