जगदलपुर, 27 फरवरी . कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक शुक्रवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में ली। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन कर हर ब्लाक में प्रत्येक योजनाओं में पांच-पांच बेस्ट मॉडल कार्य सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। वहीं स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने कहा। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी ।
कलेक्टर ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति, मनरेगा अंतर्गत जल संरक्षण कार्य, स्वीकृत कार्यों की स्थिति, मानव दिवस सृजन, श्रमिकों के ई-केवाईसी, आजीविका डबरी की समीक्षा करते हुए आजीविका डबरी के हितग्रहियों को मछलीपालन, बत्तखपालन, सब्जी उत्पादन और केले एवं पपीते की खेती जैसे आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने कहा। उन्होंने पीएम श्रम मानधन योजनांतर्गत मनरेगा श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। वहीं मनरेगा से अभिसरण कर स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्र भवन एवं उचित मूल्य दुकान निर्माण की भौतिक प्रगति की समीक्षा की और कलेक्टर ने प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत सामाजिक समावेशन एवं संस्थागत निर्माण, सीएलएफ ट्रांजेक्शन की स्थिति, वित्तीय समावेशन, बैंक क्रेडिट लिंकेज, इंटरप्राइज फाइनेंसिंग, बैंक सखी की प्रगति, स्व सहायता समूहों की गतिविधियों तथा लखपति दीदी पहल की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्व सहायता समूहों को विभिन्न स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आय वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं लखपति दीदियों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन इत्यादि आनुशांगिक विभागों की योजनाओं से भी लाभान्वित कर उनकी आय संवृद्धि किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय निर्माण, सेग्रीगेशन शेड निर्माण तथा ओडीएफ प्लस मॉडल ग्रामों की प्रगति एवं सत्यापन की जानकारी ली गई। ग्राम पंचायतों में 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत कार्यों, जिला पंचायत विकास निधि तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण अंतर्गत कार्यों की प्रगति स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा संपादित कार्य, जिला खनिज न्यास संस्थान से स्वीकृत विकास कार्य, विशेष केंद्रीय सहायता एवं सीएसआर मद के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला निर्माण समिति, अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि तथा मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण से स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभांवित करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, जिला पंचायत के विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।