संवेदनशील इलाकों में ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ बनी ग्रामीणों की जीवनरेखा

सुकमा/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व और सुशासन की दिशा में ग्रामीणों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सुकमा जिले में ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में संचालित इस योजना ने जिले के सुदूर, संवेदनशील और कभी पहुँचविहीन माने जाने वाले वनांचल गांवों को सीधे शहरों और मुख्य मार्गों से जोड़ दिया है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, स्कूली छात्र और आमजन इस सुरक्षित व सुलभ बस सेवा का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनके समय और मेहनत की भारी बचत हो रही है।

सुकमा जिले में 9 प्रमुख मार्गों जैसे सुकमा से बड़ेसट्टी, गादीरास से ओलेर, दोरनापाल से कोतापल्ली, कोंटा से गोलापल्ली, पुसपाल से सुकमा, चिंतागुफा से मरईगुड़ा, जगरगुण्डा से कोंटा तथा चिंतलनार से सुकमा तक नियमित रूप से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के बसों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। यह बस सेवा अंदरूनी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान कर रही है, जिससे छात्र अब सुगमता से शहर के शिक्षण संस्थानों तक पहुँच रहे हैं। वहीं दैनिक मजदूर, किसान और छोटे व्यापारी अपनी आजीविका तथा हाट-बाजारों के लिए समय पर आवाजाही कर पा रहे हैं।

इस योजना के धरातल पर उतरने से न केवल ग्रामीणों के पैसे और समय की बचत हो रही है, बल्कि वर्षों से आवागमन की समस्या झेल रहे लोगों के लिए अपने परिजनों और रिश्तेदारों से मिलना-जुलना भी बेहद आसान हो गया है। कभी परिवहन के अभाव में मीलों पैदल चलने को मजबूर रहने वाले बस्तर के इन अंदरूनी इलाकों में अब विकास की नई रफ्तार दिखाई दे रही है। सुकमा प्रशासन की यह जनहितैषी पहल वनांचल के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ सुशासन के संकल्प को साकार कर रही है।

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