ग्राम कचोरा में जल जीवन मिशन से 24 परिवारों को मिला शुद्ध पेयजल, ग्रामीणों की भागीदारी से सुदृढ़ हो रही जलापूर्ति व्यवस्था

नारायणपुर, 22 अक्टूबर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन दूरस्थ अंचलों में जनजीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत महोरा के आश्रित ग्राम कचोरा में जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीणों को घर-घर नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। योजना के क्रियान्वयन से गांव के 24 परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत मिली है और उनके दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ी है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम कचोरा में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छता और योजना के नियमित संचालन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पेयजल की समस्या से मिली राहत, घर-घर पहुंचा नल से
जल
ग्राम कचोरा में कुल 24 परिवार निवासरत हैं। यहां के अधिकांश ग्रामीण कृषि आधारित आजीविका से जुड़े हैं तथा पारंपरिक रूप से खेती-किसानी करते हैं। गांव की भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित सुविधाओं के कारण पहले ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर परिवारों की महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी। ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की गई। योजना के तहत गांव में लगभग 2084 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई तथा 10,000 लीटर क्षमता वाली दो सोलर आधारित पानी की टंकियों का निर्माण किया गया। इस व्यवस्था के माध्यम से गांव के सभी 24 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिली है तथा समय और श्रम की बचत भी हो रही है।
हर घर जल उत्सव के माध्यम से लिया जल संरक्षण का संकल्प
योजना के सफल क्रियान्वयन के उपरांत ग्राम कचोरा में ग्रामीणों की उपस्थिति में ग्रामसभा का आयोजन कर हर घर जल उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल अर्पण कार्यक्रम के माध्यम से पेयजल व्यवस्था के प्रति अपनी सामुदायिक जिम्मेदारी निभाने और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया। ग्रामीणों को बताया
गया कि नल से जल की सुविधा उपलब्ध होने के बाद उसका नियमित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना भी आवश्यक है। जल की बर्बादी रोकना, पेयजल स्रोतों को स्वच्छ रखना तथा जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव में सहयोग देना प्रत्येक ग्रामीण की जिम्मेदारी है।
जनभागीदारी से सुनिश्चित होगा योजना का बेहतर संचालन
ग्राम में पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पंप ऑपरेटर के रूप में श्री माया राम कोमरा तथा इलेक्ट्रीशियन के रूप में श्री सुनील कुमार सोरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए पांच महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। योजना के संचालन, निगरानी और रखरखाव में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन भी किया गया है। यह व्यवस्था ग्रामीणों को अपनी पेयजल सुविधा के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां तय होने से पेयजल आपूर्ति की निगरानी, जल गुणवत्ता परीक्षण और आवश्यक रखरखाव में सहयोग मिलेगा। ग्राम कचोरा की यह सफलता दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी मिलकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही सामुदायिक जिम्मेदारी, स्वच्छता और जल संरक्षण की भावना भी मजबूत हो रही है। घर-घर नल से जल की सुविधा अब ग्रामीण परिवारों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ सुरक्षित पेयजल और बेहतर ग्रामीण जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
