जगदलपुर। बस्तर जिले के जनपद व तहसील बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धोबीगुड़ा में बाढ़ प्रभावित किसानों ने सरकारी राजस्व सर्वे टीम को बिना मुआयना किए वापस लौटा दिया। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित ₹8,000 प्रति हेक्टेयर का मुआवजा उन्हें कतई मंजूर नहीं है।
हाल ही में आए चक्रवाती तूफान व भीषण बाढ़ के कारण इंद्रावती नदी के सरहदी इलाकों—धोबीगुड़ा, मालगांव, गुमडेल, कोरपाल, कानापाल, उलनार, कारितगांव और बजावंड में धान व अन्य फसलें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं। किसानों के अनुसार, प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल (करीब ₹65,000 मूल्य) की उपज होती है, जबकि लागत ही ₹30,000 के आसपास आती है। ऐसे में ₹8,000 का मुआवजा किसानों के साथ भद्दा मजाक है।
किसानों के आक्रोश को देखते हुए स्थानीय सरपंच संतोष कश्यप ने किसानों को समझाइश दी और मोर्चा संभालते हुए वर्तमान सांसद महेश कश्यप से मिलने की रणनीति बनाई है।
सरपंच ने सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सांसद निवास पहुंचकर उचित मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा और समस्या पर विस्तार से चर्चा की जा सके।