जगदलपुर, 7 सितंबर। जिले के सुदूर अंचलों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में बस्तर स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता निर्मल और एनएचएम जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रीना लक्ष्मी के नेतृत्व में जिले में अंधत्व निवारण कार्यक्रम को गति दी जा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में नेत्र विभाग द्वारा अब तक 720 मोतियाबिंद मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। ऑपरेशन के बाद मरीजों को दृष्टि दोष से राहत मिली है और उनके जीवन में फिर से रोशनी लौटी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रूप से बुजुर्गों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के साथ ही स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। जांच के बाद जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मे उपलब्ध कराने के लिए सूची तैयार की जा रही है, ताकि नजर की कमजोरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से हाल ही में मुस्लिम इस्लामिक कमेटी परिसर में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में सामान्य बीमारियों की जांच के साथ नेत्र रोग विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में नागरिकों की आंखों की जांच कर आवश्यक दवाइयां और परामर्श दिया।
इधर, शासन के निर्देश पर 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान गांवों, कस्बों और स्कूलों में नेत्रदान के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 7 सितंबर को भी जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस मानवीय पहल से जुड़कर दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने की अपील की है।