जगदलपुर । शासकीय मेडिकल कॉलेज (मेकाज) डिमरापाल के इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। इससे पहले वे कई दिनों तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के बाद उन्होंने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताली इंटर्न मेडिकल कॉलेज परिसर की पार्किंग में धरने पर बैठे हैं।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट को देश के कई राज्यों की तुलना में सबसे कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में यूजी इंटर्न को 15,900 रुपये तथा प्रथम वर्ष के पीजी रेजिडेंट को 67,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जबकि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में यह राशि काफी अधिक है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और कार्यभार को देखते हुए स्टाइपेंड में वृद्धि आवश्यक है।
हड़ताल का असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। जानकारी के अनुसार 100 से अधिक इंटर्न के कार्य बहिष्कार के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक सेवाएं जारी रखने के लिए जूनियर डॉक्टरों को अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया है। इससे जूनियर डॉक्टरों पर कार्यभार बढ़ गया है।
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग केवल आर्थिक लाभ की नहीं, बल्कि सम्मानजनक और समयबद्ध स्टाइपेंड सुनिश्चित करने की है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इधर, अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।