जगदलपुर, 25 जुलाई . बस्तर क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊँचाइयों पर ले जाने और स्थानीय प्रतिभाओं को तराशने के लिए जिला प्रशासन की पहल ‘ज्ञानगुड़ी’ एक नई और प्रेरणादायक क्रांति की मिसाल बन रही है। इसी क्रम में ज्ञानगुड़ी के माध्यम से नि:शुल्क कोचिंग प्राप्त कर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) क्वालीफाई करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करने स्वयं कलेक्टर बस्तर श्री आकाश छिकारा ज्ञानगुड़ी पहुँचे। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी और भविष्य की राह आसान बनाने के लिए एक विशेष काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया।कलेक्टर श्री छिकारा ने सफल विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और आत्मीय माहौल में संवाद करते हुए उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए काउंसलिंग के दौरान अत्यंत सावधानीपूर्वक विकल्पों का चयन करना कितना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी अंतिम क्षण की हड़बड़ाहट या असुविधा से बचने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को समय रहते तैयार और व्यवस्थित रखने का व्यावहारिक सुझाव दिया।
इस संवाद के दौरान बच्चों को प्रेरित करते हुए कलेक्टर ने एक बेहद भावुक और विचारणीय संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद सभी अभ्यर्थी वापस बस्तर लौटें और अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर स्वास्थ्य सेवा का कार्य करें। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि आगे की पढ़ाई या प्रवेश प्रक्रिया में यदि किसी भी प्रकार की समस्या या कठिनाई आती है, तो वे निसंकोच जिला प्रशासन और अपने ज्ञानगुड़ी के शिक्षकों का सहयोग ले सकते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर ने बच्चों से ज्ञानगुड़ी में उनकी पढ़ाई के अनुभवों और तैयारियों के सफर को सुना, साथ ही अपने स्वयं के शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बच्चों की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन की सराहना करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अंत में उन्होंने नीट क्वालीफाई करने वाले सभी होनहारों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री बलिराम बघेल, जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे, ज्ञानगुड़ी प्रभारी श्री अलेक्जेंडर एम. चेरियन, श्री जी. श्रीनिवास राव, श्री मनीष श्रीवास्तव एवं श्री संजीव बिस्वास विशेष रूप से उपस्थित रहे।