जगदलपुर 18 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत स्वामी विवेकानंद शासकीय विद्यालय का निरीक्षण कर शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों की नियमित उपस्थिति, पाठ्यक्रम पूर्ण करने की प्रगति तथा छात्रों को रिवीजन की व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री छिकारा ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक सप्ताह साप्ताहिक टेस्ट आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों का प्रदर्शन साप्ताहिक परीक्षाओं में बेहतर रहेगा, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप रायपुर भ्रमण तथा बस्तर के महत्वपूर्ण स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि उनमें प्रतिस्पर्धा और सीखने की प्रेरणा बढ़े।
विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने भौतिकी विषय को सरल और रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने कुलॉम के नियम (Coulomb’s Law) और किर्चॉफ के नियम (Kirchhoff’s Law) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कक्षा में कोई बात गलत समझ में आए तो उसे दोहराकर सीखना चाहिए, क्योंकि बार-बार अभ्यास करने से वह बात लंबे समय तक याद रहती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कक्षा में सवाल पूछकर कुछ क्षण के लिए मूर्ख बनना बेहतर है, बजाय इसके कि सवाल न पूछकर जीवनभर अज्ञान में रहें।उनके इस संदेश का विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
कलेक्टर ने दैनिक जीवन में भौतिकी के उपयोगों के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि कंधे पर बैग टांगने, किताब पलटने या किसी वस्तु को घुमाने जैसी सामान्य गतिविधियों में भी टॉर्क (Torque) का सिद्धांत कार्य करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आसपास की गतिविधियों में उसके प्रयोग को समझने का प्रयास करें।निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को माह तीसरे शनिवार स्कूल निरीक्षण का दायित्व दिया गया है, सभी अधिकारी चिन्हाकित स्कूलों के निरीक्षण में पहुंचे थे। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले के शिक्षा विभाग द्वारा जिला प्रशासन द्वारा बस्तर जिले के शैक्षणिक संस्थाओं शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी शालाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता लाने हेतु विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को अच्छे परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर पाठ्यक्रम की पूर्णता एवं पंजियों का उचित संधारण किये जाने व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन के निर्देश दिये जाने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को एक शाला के नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो कि माह के तीसरे शनिवार को संबंधित शालाओं में जाकर दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे।