आईटीबीपी ने जाटलूर नाला पर बनाया 250 फीट लंबा सस्पेंशन ब्रिज

शहीद अमोल माधव राव महस्के के नाम होगा समर्पित

नारायणपुर, 16 जुलाई . दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास और स्थानीय नागरिकों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने की दिशा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 38वीं वाहिनी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय सीमांत मुख्यालय के महानिरीक्षक श्री अजय पाल सिंह ने आज जाटलूर क्षेत्र में नव-निर्मित लकड़ी के फुट सस्पेंशन ब्रिज का विधिवत लोकार्पण किया।
लगभग 250 फीट लंबा, 5 फीट चौड़ा और 15 फीट ऊँचा यह पुल आईटीबीपी के जवानों तथा स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त श्रमदान, सहयोग और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से तैयार किया गया है। वर्षा ऋतु में उफनते जाटलूर नाला को पार करने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह पुल स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों और सुरक्षा बलों के लिए सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा।
लोकार्पण समारोह में श्री राजीव गुप्ता (कमांडेंट, 45वीं वाहिनी), श्री अभिषेक सूद (कमांडेंट, 29वीं वाहिनी), श्री अशोक कुमार सिंह (द्वितीय कमान, 38वीं वाहिनी), श्री संजय कुमार (द्वितीय कमान, 53वीं वाहिनी) सहित केंद्रीय सीमांत मुख्यालय एवं 38वीं वाहिनी के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, शिक्षक तथा छात्र-छात्राओं ने भी भागीदारी की।
कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी द्वारा संचालित सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं एवं जरूरतमंद ग्रामीणों को साइकिलों का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को स्वरोजगार, कौशल विकास तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
पुल निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं जवानों को महानिरीक्षक श्री अजय पाल सिंह ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि नव-निर्मित पुल का नाम शहीद अमोल माधव राव महस्के की स्मृति में रखा जाएगा। शहीद महस्के ने पिछले वर्ष नवंबर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। महानिरीक्षक ने कहा कि यह निर्णय उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ आईटीबीपी के जवानों को प्रेरित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
समारोह के समापन पर ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया तथा सामूहिक मध्याह्न भोज का आयोजन भी किया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस जनहितैषी पहल के लिए आईटीबीपी का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास, जनसुविधा और सुरक्षा बलों तथा आम जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

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