धर्मांतरण विवाद: ग्रामीणों की समझाइश के बाद पिता-पुत्र ने आदिवासी समुदाय के मूल धर्म को अपनाया, गांव में लौटी शांति

नारायणपुर30 जून । जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर स्थित खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर सोमवार सुबह शुरू हुआ विवाद आखिरकार शांत हो गया। दिनभर चली चर्चा के बाद संबंधित परिवार के पिता-पुत्र ने आदिवासी समुदाय के पारंपरिक (मूल) धर्म को पुनः स्वीकार कर लिया, जिसके बाद गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
नारायणपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) सुशील नायक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह से धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। ग्रामीणों की समझाइश के बाद पिता-पुत्र ने आदिवासी समुदाय के पारंपरिक (मूल) धर्म को पुनः स्वीकार कर लिया है। इसके बाद गांव में शांति स्थापित हो गई है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि गांव के एक परिवार के कुछ सदस्य मूल धर्म छोड़कर इसाई और कबीर पंथ को मान रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और परिवार को गांव से बाहर जाने के लिए कहा गया। परिवार में कुल सात सदस्य हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।गौरतलब है कि इससे पहले भरंडा गांव में भी धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया था, जहां 26 परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया गया था। जिले में हाल के समय में धर्मांतरण और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं को लेकर कई गांवों में विवाद की स्थिति सामने आई है, जिसे देखते हुए प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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