नारायणपुर, 27 जून . उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान शनिवार देर शाम पुनर्वास केंद्र पहुंचकर हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे। दोनों मंत्रियों ने युवाओं से पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं से आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों एवं शासकीय सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक पुनर्वासित युवक-युवती को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से अपील की कि वे जेल में बंद अपने पूर्व साथियों से मुलाकात कर उन्हें भी पुनर्वास योजना का लाभ लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विकास और शांति का मार्ग ही बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्र में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। विशेष रूप से महिलाओं द्वारा मोटर वाहन ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में दिखाई जा रही उत्साहपूर्ण भागीदारी की उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक उदाहरण है।
युवाओं से चर्चा के दौरान जब खेतों में सिंचाई के लिए बोर व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई, तब उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहीदों के परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं का सर्वे कराकर उनके खेतों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे कृषि के माध्यम से स्थायी आजीविका अर्जित कर सकें।
श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पेसा अधिनियम को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर के जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से हैं और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली भ्रामक और भटकाने वाली सूचनाओं से सावधान रहने का आग्रह करते हुए कहा कि बस्तर का विकास बस्तर के लोगों के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने पुनर्वासित युवाओं का आह्वान किया कि वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहभागी बनें।
वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर बस्तर के निर्माण और विकास तक आदिवासी समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय बस्तर को शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा देने का है। हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लेने वाले युवाओं ने इस परिवर्तन की शुरुआत कर दी है और अब सभी को मिलकर क्षेत्र तथा समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर पुलिस जामहानिरीक्षक सुंदरराज पी., कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।