बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अस्पताल की सेवाओं, PPP अनुबंध, मानव संसाधन, मरीज अधिकारों और वित्तीय अनियमितताओं की तकनीकी जांच की मांग की गई है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का अभाव है, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है और मरीजों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। साथ ही कर्मचारियों के शोषण, आयुष्मान भारत योजना में अनियमितता और आपातकालीन सेवाओं की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
बस्तर की जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि करोड़ों की सरकारी संपत्ति और जनता के टैक्स के पैसे से संचालित संस्थान में भी आम नागरिकों को उपचार, पारदर्शिता और सम्मान नहीं मिलेगा, तो यह सीधे-सीधे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार को तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।”
नवनीत चाँद ने मांग की है कि PPP अनुबंध और अस्पताल संचालन की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, मेडिकल काउंसिल, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति बनाई जाए तथा मरीजों और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल अस्पताल का मामला नहीं बल्कि बस्तर के गरीब, आदिवासी और ग्रामीण समाज के स्वास्थ्य अधिकारों की लड़ाई है। इस दौरान मेहताब सिंह, अलका नादन, निहारिका सिंह, हिमांशु आनंद और वनमाली नाग सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।