जगदलपुर, 05 अप्रैल . बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया का सागमेटा क्षेत्र। यह ऐसा गांव है, जहां आजादी के बाद से आज तक 79 बरसों में कभी बस नहीं पहुंची। इसके आसपास 35 और गांव हैं जिन्हें बस का इंतजार था। नक्सलियों से मुक्ति के बाद अब बस वहां पहुंची है। हजारों लोगों से बुनियादी सुविधाएं छीनने वाले नक्सली अब खत्म हो रहे हैं और लोगों को सुविधाएं मिलनी शुरू हो रही हैं। इनमे मुकावेली, सागमेट्टा, डोके, गुटामरका बड़े आलवाड़ा, कुसुमवेली, एलीगांड्रा दामारम, सुचकोटा, सलेपल्ली सपीमरका, बड़े काकलेर, पूलगुंडम, बड़े गुंडापुरी गुंडापुर, डोडीमरका, इरपगुटा, एडापल्ली, चेरपल्ली, नेल्लिमडगु घरतुल नेतीवाड़ा पासेवाड़ा, नेती काक्लेर, और भी अन्य गाव शामिल है.ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उन्हें 17 किलोमीटर तक पैदल चलकर बाजार जाना पड़ता था। कई बार रिश्तेदारों के यहां रात गुजारनी पड़ती थी, लेकिन अब बस सीधे सागमेटा तक पहुंचने लगी है। इससे उनकी मुश्किलें काफी हद तक कम हो जाएंगी।संयुक्त कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि सागमेटा क्षेत्र के ग्रामीणों की सुविधा के लिए बस की परमिट दिया गया है। साथ ही जिस गांव में बस नहीं चल रही है और ग्रामीणों की मांग पर, ट्रेवल्स के आवेदन पर परमिट दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि डोडीमार-सेलपल्ली क्षेत्र में स्थापित सुरक्षा कैंपों के चलते सड़क निर्माण संभव हो पाया। इसी सड़क पर अब बस सेवा शुरू हुई है, जो इस इलाके के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो रही है।