
ओरछा के हिकोनार गांव का शब्बीर करेगा एमबीबीएस की पढ़ाई
नारायणपुर। नक्सली आतंक से जल रहे बस्तर से एक बार फिर अच्छी खबर निकल कर आई हैं। अब तक नक्सलियों के खात्मा को लेकर चर्चा किया जाता था लेकिन आज हम एक ऐसे परिवार की कहानी की चर्चा कर रहे हैं जिस परिवार के बच्चों के पास सिर छिपाने के लिए मकान नहीं हो और दो वक्त की रोटी के लिए हर दिन संघर्ष करना पड़ता हो। जी हा अबूझमाड़ के उस लाल की बात कर रहे हैं जो लाल आतंक के बीच रहकर बड़ा कमाल कर रहा हैं। गरीबी और तनावपूर्व माहौल से निकलकर जिला नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक के ग्राम हिकोनार के बच्चे शब्बीर वड्डे ने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अपनी जगह बनाया हैं। अबुझमाड का निवासी शब्बीर जो बचपन से ही पढाई मे होशियार था उसका सपना डाक्टर बनने का था गत वर्ष उसने साकुरा विज्ञान तकनीक जापान की यात्रा की थी। पोर्टाकेबिन आवासीय विद्यालय देवगांव से अध्ययन पश्चात जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे परीयना कोचिंग में 11 वी12 वी पढ़ाई पूरी की और नीट की परीक्षा पास कर पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज रायपुर मे एमबीबीएस में सीट प्राप्त की सब्बीर वड्डे से बातचीत से पता चला उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी इसके अध्ययन सामग्री व भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अधीक्षक पोर्टा केबिन श्रीमती रंजीता नाग ने अपने पुत्र की तरह उसकी देखभाल की और निरंतर सहयोग कर रही है हमारे जिला के लिए बहुत गौरव की बात है कि हमारे अबुझमाड के बच्चे आज ऊँचाइयों को छू रहे है