
जिला दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत दिनांक 20.05.2024 को थाना अरनपुर से सहायक उप निरीक्षक उदयभान राठिया हमराह स्टाफ के साथ ग्राम नीलावाया रोड से केशापारा–पोटाली मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में लगे वाहनों एवं मजदूरों की सुरक्षा ड्यूटी हेतु रवाना हुए थे। ड्यूटी से वापसी के दौरान लगभग 03:15 बजे नया सड़क केशापारा–पोटाली के पास, निर्माण स्थल से लगभग 400–500 मीटर दूरी पर मुरूम गड्ढा के पास दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस बल को देखकर जंगल-झाड़ियों में छिपने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए। पुलिस बल द्वारा तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम –
1. हुंगा उर्फ गुट्टूम सोड़ी, निवासी ग्राम पोरदेम, थाना गादीरास, जिला सुकमा
2. जोगा कुड़ामी, निवासी ग्राम पोरदेम, थाना गादीरास, जिला सुकमा
बताया। पूछताछ के दौरान दोनों ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़कर मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करना स्वीकार किया।
बरामद सामग्री :
हुंगा उर्फ गुट्टूम सोड़ी के कब्जे से –
01 नग टिफिन बम (लगभग 03 किलो वजनी)
02 नग डेटोनेटर
बिजली वायर
जोगा कुड़ामी के कब्जे से –
01 नग सेल
05 नग बम फटाखा
हस्तलिखित नक्सली पोस्टर
मौके पर ही बरामदगी पंचनामा तैयार कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना अरनपुर लाया गया।
वैधानिक कार्यवाही :
आरोपियों के विरुद्ध थाना अरनपुर में अपराध क्रमांक 09/2024 पंजीबद्ध किया गया, जिसमें —
1. छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम की धारा 8(1)(3)(5)
2. विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 10(क)(i)(iv), 13(1)(क), 20 एवं 38(2)
3. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ख)
के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
न्यायालयीन निर्णय :
उक्त प्रकरण माननीय विशेष न्यायालय (NIA Act) में विचाराधीन रहा। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं साक्षियों के कथनों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि दोनों आरोपियों द्वारा अपने नियंत्रणाधीन विस्फोटक पदार्थ (टिफिन बम, डेटोनेटर आदि) रखा गया था।
माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण हुंगा उर्फ गद्दूम सोढ़ी एवं जोगा कुड़ामी को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ख) के तहत दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जिला पुलिस दंतेवाड़ा द्वारा नक्सल उन्मूलन एवं विकास कार्यों की सुरक्षा हेतु सतत अभियान जारी है। उक्त प्रकरण में विवेचना कार्यवाही उप पुलिस अधीक्षक गोविंद दीवान, तथा निरीक्षक शंकर लाल ध्रुव द्वारा और सहायक उप निरीक्षक उदय भान राठिया तथा आरक्षक टेकसिंह तारम द्वारा विशेष योगदान किया गया।