सदा याद रहेगा बस्तर को 13 अप्रेल 2023:

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जगदलपुर/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विशिष्ठ अतिथि प्रियंका गांधी जगदलपुर में भरोसे का सम्मेलन में शामिल होने 13 अप्रेल को दन्तेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गर्मजोशी के साथ अतिथियों का स्वागत किया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विशिष्ठ अतिथि प्रियंका गांधी जगदलपुर में ’भरोसे का सम्मेलन’ में शामिल होने दन्तेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों ने गर्मजोशी के साथ अतिथियों का स्वागत किया

भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रियंका गांधी ने जगदलपुर में लालबाग मैदान के निकट स्थित नेहरू स्मृति मंच स्थल में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

नेहरू परिवार की पांचवी पीढ़ी प्रियंका गांधी के बस्तर यात्रा बस्तर के इतिहास में दर्ज हो जाएगा। इससे पूर्व देश के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू 13 मार्च 1955 को ही आदिवासी सम्मेलन के उद्घाटन में शरीक होने आए थे। आज 13 अप्रेल 2023 को भरोसे के सम्मेलन में नेहरू परिवार की पांचवी पीड़ी का बस्तर आगमन हुआ ।

 यहां लगाए गए पांच शिलालेखों में नेहरू जी के जीवन से संबंधित जानकारी का भी अवलोकन उन्होंने किया । लालबाग मैदान में आयोजित भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों द्वारा जिले में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों तथा नवाचार योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बस्तर संभाग में की गई यात्राओं को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
इसके अलावा बस्तर कॉफी उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक का जीवंत प्रदर्शन, बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प द्वारा लकड़ी की नक्काशी, जिला प्रशासन के नवाचार थिंक-बी से संबंद्ध माम्स फूड, पुलिस विभाग की सामुदायिक पुलिसिंग मनवा नवानार, टसर कोसा से धागाकरण एवं वस्त्र बुनाई, बस्तर फूड फर्म द्वारा महुआ की चाय और अन्य उत्पाद, वन विभाग के ईमली और काजू प्रसंस्करण निर्माण का प्रदर्शन किया गया है।
इसी तरह सुकमा से शिल्पकला टेराकोटा और पुनः संचालित शालाएं, कांकेर जिले से सीताफल, जामुन, मैंगों पल्प, सीताफल आईस्क्रीम एवं शेक, नारायणपुर जिले से मिलेट्स उत्पाद और बांस शिल्प, कोंण्डागांव जिले से बेलमेटल ज्वेलरी, सजावटी सामान और कोकोनट कोल्ड प्रेस आयल, दंतेवाड़ा जिले से डेनेक्स द्वारा कपड़े सिलाई का कार्य और बीजापुर जिले से चिकी मिलेट्स प्रोसेसिंग के कार्य का प्रदर्शन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि बस्तर कॉफी के उत्पादन की गतिविधि वर्ष 2016-17 से प्रारंभ की गई है। जिसमें महिला समूह के सदस्यों द्वारा लगभग 06 लाख रूपए वार्षिक सकल लाभ अर्जित की जा रही है। बस्तर कलागुड़ी हस्तशिल्प निर्माता संगठन द्वारा लकड़ी की नक्काशी का कार्य वर्ष 2021-22 से 40 सदस्यों के समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वार्षिक सकल लाभ 10 लाख रूपए अर्जित की जा रही है।

इसी प्रकार माम्स फूड में 92 महिला सदस्यों द्वारा वर्ष 2021 में प्रारंभ की गई और समूह के द्वारा सालाना 32 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया जा रहा है। सुकमा जिले के शिल्पकला टेराकोटा के 20 सदस्यों द्वारा वर्ष 2022-23 में प्रारंभ कर 14 लाख रुपए सालाना लाभ प्राप्त किया जा रहा है। कांकेर जिला के कांकेरवैली फ्रेश परियोजना अंतर्गत 250 महिला सदस्यों द्वारा संचालित प्रसंस्करण कार्य में सालाना 18 लाख 12 हजार रुपए से अधिक की कमाई की जाती है। नारायणपुर मिलेटस उत्पादन में 50 महिला सदस्यों के द्वारा सालाना सकल लाभ 30 लाख अर्जित की जा रही है। कोंण्डागांव जिले के बेलमेटल ज्वेलरी से 20 लाख रूपए और सजावटी उत्पाद बनाने वाली महिला समूह के द्वारा 15 लाख वार्षिक सकल लाभ प्राप्त किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में वर्ष 2020-21 सेे प्रारंभ की गई डेनक्स कपड़ा सिलाई कार्य में 850 महिला सदस्यों के द्वारा 04 करोड़ का वार्षिक सकल लाभ अर्जित किया जा रहा है।

प्रमुख बातें जो प्रियंका गाधी ने लाल बाग से कही

लाल बाग से संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने बस्तर के लोगों और संस्कृति की खूब तारीफ की । और कहा कि यहाँ लोगों को अपना बना लेने की कला खूब आती है।यहां बेरोजगारी की दर सब कम है, सबसे ज्यादा वनोपज के लिए एमएसपी, यहां का स्वास्थ्य माडल देश के लिए उदाहरण है सरकार आपके भरोसे पर चल रही है आपकी मेहनत का ये सरकार सम्मान कर रही हैपहले गौ माता सड़कों पर घूमती थीं, बहनें कर्ज में थीं, स्कूल बंद हो रहे थे, कुपोषण की दर बढ़ रही थी आज 65 वनोपज खरीदे जा रहे हैं

4 हजार एकड़ जमीन लौटाई गई

5 लाख लोगों को वन अधिकार पट्टे मिले

धान की सबसे ज्यादा कीमत यहां मिल रही है

किसानों का कर्ज माफ किया गया
भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रीमती प्रियंका गांधी ने कहा

मैं यहां पहली बार आई हूं आप मुझे नहीं जानते हैं।

आप इसलिए आए हैं क्योंकि आपका मेरे परिवार पर भरोसा है।

आप इसलिए आए हैं क्योंकि नेहरू जी और इंदिरा गांधी जी के दिल में आपको लेकर विशेष सम्मान था। यहां की कहानियों, आपकी संस्कृति, आपके संघर्ष के बारे में मैं सबकुछ जानती हूं। मेरे घर के सदस्यों ने आपकी संस्कृति, संघर्षों और चुनौतियों को जाना।

अलग-अलग योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विशिष्ट अतिथि प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम में अलग-अलग योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरित किया। मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथि ने जिला पंचायत जगदलपुर द्वारा संचालित रीपा सेंटर की 10 महिला समूहों को पेपर कप चाय, पापड़, चिप्स, मुर्रा-लाई बनाने के मशीन का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत एनआरएलएम की 21 महिला समूहों को बैंक लिंकेज चेक का वितरण किया। जिला अंताव्यवसायी सहकारी विकास समीति के तहत संचालित द्वारा संचालित अजजा महिला सशक्तिकरण योजना के तहत तोकापाल विकासखंड के ग्राम बेड़ागुड़ापारा की सहादई को बुक स्टोर की दूसरी किस्त प्रदान की।
महिला एवं बाल विकास विभाग के ऋण योजना के अंतर्गत लघु व्यवसाय हेतु 5 महिला स्व सहायता समूहों को चेक प्रदान किया। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि यांत्रिकीकरण योजना, कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत नलकूप खनन और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा चेक प्रदान किय गया। उद्यानिकी विभाग के द्वारा संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन बीज के लिए बकावंड, जगदलपुर और दरभा विकासखंड के हितग्राहियों को चेक वितरित किया गया। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बकावंड के जिराखाल व धोबीगुड़ा इरिकपाल और बस्तर के बागमोहलई-2 व सोनार पाल (मातागुड़ी) ग्राम पंचायत को सामुदायिक वन अधिकार पट्टा का वितरण किया। बीएससी नर्सिंग पाठ्क्रम हेतु 10 विद्यार्थियों को 10 लाख 8 हजार रुपए का चेक मुख्यमंत्री द्वारा वितरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के जगदलपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण भी मुख्यमंत्री ने किया।तितिरगाँव के राजीव युवा मितान 25 का चेक और आदिवासी परब सम्मान निधि योजना के तहत बाबू सेमरा को पांच हजार का चेला दिया गया।

भरोसे का सम्मेलन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के लाल बाग में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि प्रियंका गांधी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया।
बस्तर संभाग के 1840 ग्राम पंचायतों को 5-5 हजार रुपए की अनुदान राशि जारी
इस योजना के तहत आदिवासी पर्व एवं त्योहारों के गरिमामय आयोजन के लिए राज्य शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। योजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने बस्तर संभाग के 1840 ग्राम पंचायतों को प्रथम किश्त के रूप में 5-5 हजार रूपए की राशि जारी की।

योजना का उद्देश्य

’मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ के तहत अनुसूचित क्षेत्र के ग्रामों में जनजातियों के उत्सवों, त्यौहारों के मेला, मड़ई, जात्रा पर्व, सरना पूजा, देवगुड़ी, नवाखाई, छेरछेरा, अक्ती, हरेली आदि उत्सवों, त्यौहारों, संस्कृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रति वर्ष 10,000 रूपए की अनुदान राशि दो किश्तों में जारी की जायेगी।
मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि का उद्देश्य आदिवासियों के तीज त्यौहारों की संस्कृति एवं परम्परा को संरक्षित करना एवं इन त्यौहारों, उत्सवों को मूल स्वरूप में आगामी पीढ़ी को हस्तांतरण तथा सांस्कृतिक परम्पराओं का अभिलेखन करना है।
मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा, बजट में है प्रावधान

मुख्यमंत्री बघेल ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज की संस्कृति और पर्वों की परम्परा के संरक्षण के लिए ’मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ की घोषणा की थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में इस योजना के लिए 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना छत्तीसगढ़ के समस्त अनुसूचित क्षेत्र (अनुसूचित जनजाति विकासखण्ड) में लागू होगी।

योजना का क्रियान्वयन

योजना की इकाई ग्राम (गांव) होंगे। योजना के लिए नोडल एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत होंगे।
योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तरीय शासी निकाय एवं अनुभाग स्तरीय शासी निकाय का गठन किया जाएगा। निकाय का स्वरूप निम्नानुसार होगा-
ग्राम स्तरीय शासी निकाय में संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच अध्यक्ष होंगे। गायता, पुजारी, सिरहा, गुनिया, बैगा सदस्य होंगे। ग्राम स्तरीय शासी निकाय में ग्राम के दो बुजुर्ग, दो महिला, ग्राम कोटवार, पटेल और ग्राम पंचायत के सचिव सदस्य होंगे।
जनपद स्तरीय शासी निकाय में
अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व अध्यक्ष होंगे और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत इसके सदस्य सचिव होंगे। जनपद स्तरीय शासी निकाय में जनपद पंचायत के अध्यक्ष, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार सदस्य होंगे।
ग्राम में कौन-कौन से त्यौहारों में इस राशि का उपयोग किया जाना है इसका निर्धारण ग्राम स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा। जनपद स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन के निगरानी एवं समन्वय हेतु जनपद स्तरीय शासी निकाय उत्तरदायी होगा।

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