एक ही मंडप में एक दूल्हा संग, दो दुल्हने ली सात फेरे


कोंडागांव, 27 मार्च .  छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की लोक संस्कृति और परंपराएं अक्सर दुनिया को चौंकाती रही हैं। इसी कड़ी में कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बैलगांव से एक ऐसा विवाह सामने आया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। यहाँ एक युवक ने दो युवतियों के साथ एक ही मंडप में, पूरे सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए।

इस अनोखी शादी का निमंत्रण पत्र (कार्ड) और शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से एक दूल्हे के साथ दो दुल्हनों के नाम छपे हैं। वायरल वीडियो में दूल्हा अपनी दोनों दुल्हनों का हाथ थामे अग्नि के फेरे लेते, और रस्में निभाते हुए विडियो सामने आ रहा है। वहीं दूल्हे के दोस्तों और ग्रामीणों ने इस जश्न में जमकर डांस किया, जिससे यह विवाह किसी फिल्मी दृश्य जैसा प्रतीत हो रहा था।

शादी के कार्ड के अनुसार, यह विवाह निम्नलिखित पक्षों के बीच संपन्न हुआ:
दूल्हा: चि. हितेश (सुपुत्र श्री गजेंद्र यादव, ग्राम बैलगांव)
प्रथम दुल्हन: सौ.कां. फुलबती (सुपुत्री स्व. श्री बुद्धुराम नाग, ग्राम शंकरपुर)
द्वितीय दुल्हन: सौ.कां. यामिनी (सुपुत्री स्व. श्री भावसिंह देहारी, ग्राम बनियागांव)
पूरे विधि-विधान से संपन्न हुई। रस्में
यह विवाह किसी लुक-छिपे नहीं, बल्कि पूरे गाजे-बाजे और सामाजिक रजामंदी के साथ 23 मार्च 2026: मण्डपाच्छादन और हरिद्रालेपन (हल्दी की रस्म) और 24 मार्च 2026: पाणिग्रहण, लगन और आशीर्वाद समारोह संपन्न हुआ।
बस्तर के जनजातीय और ग्रामीण अंचलों में कई बार प्रेम प्रसंगों या विशेष परिस्थितियों के कारण उत्पन्न सामाजिक विवादों को सुलझाने के लिए रूढ़िगत नियमों का सहारा लिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों परिवारों की आपसी सहमति और समाज के बुजुर्गों के आशीर्वाद से यह फैसला लिया गया ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। हालांकि, मुख्यधारा के कानून (हिंदू विवाह अधिनियम) में द्विपत्नी विवाह को मान्यता नहीं है, लेकिन बस्तर की सामाजिक समरसता के आगे अक्सर कानून की पेचीदगियां पीछे छूट जाती हैं।

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