जगदलपुर 03 अप्रैल .इंद्रावती नदी बस्तर की प्राणदायिनी है और खेतों, मवेशियों और जनता के लिए अमृत से कम नहीं है लेकिन इस वर्ष पानी की धार पतली हो गई है।बस्तर के पश्चिम दिशा में 39 किलोमीटर दूर लोहंडीगुड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र के चित्रकोट में जलप्रपात स्थित है जिसको देखने बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन इन दिनों जलप्रपात में पानी नहीं होने से पर्यटक मायुस होकर लौट रहें हैं।
ओड़िशा के कालाहांडी से निकलने वाली इंद्रावती नदी का जल जोरा नाला में समाहित होने से बस्तर जिले की ओर नहीं बहने के कारण जल स्तर कम हो गया है। किसानों को खेतों के पानी नहीं मिल रहा है तो नियाग्रा माने जानी वाली विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात स्वयं अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।